बांकीपुर उपचुनाव: क्या RJD ने रेखा गुप्ता को चुनावी मैदान में अकेला छोड़ दिया? तेजस्वी यादव के यूरोप दौरे से उठे सवाल

बांकीपुर उपचुनाव में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) की उम्मीदवार रेखा गुप्ता को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं। विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव के चुनावी अभियान से दूर यूरोप दौरे पर होने के कारण विपक्ष और राजनीतिक विश्लेषक सवाल उठा रहे हैं।

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Amit Kumar
Updated at : Jul 12, 2026, 1:59:00 PM

बांकीपुर उपचुनाव में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) की उम्मीदवार रेखा गुप्ता को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं। विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव के चुनावी अभियान से दूर यूरोप दौरे पर होने के कारण विपक्ष और राजनीतिक विश्लेषक सवाल उठा रहे हैं कि क्या राजद ने इस सीट पर अपनी चुनावी रणनीति को लेकर ढिलाई बरती है।

रेखा गुप्ता, जो वैश्य समाज से आती हैं, राजद ने लगातार दूसरी बार बांकीपुर से उम्मीदवार बनाया है। पिछला चुनाव हारने के बावजूद पार्टी ने उन पर दोबारा भरोसा जताया है। दूसरी ओर, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने नितिन नवीन के इस्तीफे से खाली हुई सीट पर कायस्थ समाज से आने वाले नीरज सिन्हा को उम्मीदवार बनाया है, जबकि जन सुराज की ओर से प्रशांत किशोर भी चुनावी मैदान में हैं।

गुरुवार को नामांकन के दौरान रेखा गुप्ता के साथ राजद के बड़े नेताओं की गैरमौजूदगी चर्चा का विषय बनी रही। उनके साथ केवल पूर्व मंत्री आलोक मेहता नजर आए। आमतौर पर राजद उम्मीदवारों के नामांकन में बड़ी संख्या में नेताओं और कार्यकर्ताओं की मौजूदगी रहती है, लेकिन इस बार ऐसा माहौल देखने को नहीं मिला। रेखा गुप्ता अपने परिवार के साथ डीएम कार्यालय पहुंचीं और नामांकन दाखिल किया।

नामांकन से पहले वह राजद प्रदेश कार्यालय में आयोजित 'आशीर्वाद यात्रा' कार्यक्रम में शामिल हुईं, जहां प्रदेश अध्यक्ष मंगनी लाल मंडल सहित कई नेता मौजूद थे। हालांकि, चुनावी मैदान में कार्यकर्ताओं की सक्रियता अपेक्षाकृत कम दिखाई देने से राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं।

स्थानीय स्तर पर भी कार्यकर्ताओं के बीच मिश्रित प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। कुछ कार्यकर्ताओं का कहना है कि पिछली हार के कारण इस बार मुकाबला चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है, जबकि कुछ का कहना है कि मतदान की तारीख नजदीक आने के साथ चुनाव प्रचार तेज होगा।

इस बीच, तेजस्वी यादव के विदेश दौरे को लेकर भी विपक्ष लगातार निशाना साध रहा है। सवाल उठाए जा रहे हैं कि जब उम्मीदवार को सबसे अधिक नेतृत्व और संगठनात्मक समर्थन की जरूरत है, तब पार्टी का शीर्ष नेतृत्व चुनावी मैदान से दूर क्यों है।

हालांकि, राजद की ओर से अब तक इस मुद्दे पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। अब सभी की नजर इस बात पर रहेगी कि मतदान से पहले तेजस्वी यादव चुनाव प्रचार में सक्रिय भूमिका निभाते हैं या नहीं। बांकीपुर उपचुनाव का मतदान 30 जुलाई को होना है। ऐसे में आने वाले दिनों में चुनावी गतिविधियां और राजनीतिक बयानबाजी तेज होने की संभावना है।

पटना से विष्णु की रिपोर्ट