राजधानी पटना के बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में वोटिंग खत्म हो गया है। सभी बूथों पर गेट बंद कर दिए गए हैं। किसी बूथ पर वोटर पहले से कतार में खड़े हैं, तो उनसे वोट डलवाया जा रहा है। बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में निर्वाचन आयोग के अनुसार शाम 5 बजे तक 33.60 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। वोटिंग का फाइनल आंकड़ा चुनाव आयोग बाद में जारी करेगा। इस बार भी बांकीपुर वोटिंग का रिकॉर्ड तोड़ते नहीं दिख रहा। 2025 के चुनाव में बांकीपुर में 41 फीसदी वोटिंग हुई थी। वोटिंग खत्म होते ही EVM को सील किया जाएगा। EVM को AN कॉलेज स्ट्रॉन्ग रूम भेजे जाएंगे। 3 अगस्त को वहीं काउंटिंग होगी।
बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में निर्वाचन आयोग के अनुसार शाम 5 बजे तक 33.60 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। दिनभर विभिन्न मतदान केंद्रों पर मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। सुबह के मुकाबले दोपहर और शाम के समय मतदान में कुछ तेजी देखने को मिली। हालांकि, अभी अंतिम मतदान प्रतिशत में बदलाव संभव है। वोटिंग का फाइनल आंकड़ा चुनाव आयोग बाद में जारी करेगा।
बांकीपुर उपचुनाव के मतदान पर बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और राजद नेता तेजस्वी यादव ने कहा कि लगातार सुबह से हम फीडबैक ले रहे हैं।हमारे लोग हर बूथ पर है और जहां से भी फीडबैक आ रहा है इस बार उपचुनाव में बीजेपी की हार होनी वाली है। हमारी प्रत्याशी रेखा गुप्ता भारी मतों से इनकी जीत होनी जा रही है। 3 तारीख को जब नतीजा आएगा उसमें पूरे देश को संदेश जाएगा जो भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष की जो सीट है वहां से भाजपा को हार का सामना करना पड़ेगा।
बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन के राज्यसभा जाने के बाद बांकीपुर सीट खाली हुई। इस सीट पर कुल 25 प्रत्याशी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। हालांकि मुख्य मुकाबला बीजेपी के नीरज कुमार सिन्हा, जन सुराज और राजद के बीच है। नतीजे 3 अगस्त को आएंगे। भाजपा की गढ़ मानी जाने वाली बांकीपुर सीट पर इस बार त्रिकोणीय मुकाबला है। बीजेपी ने नीरज कुमार सिन्हा को उम्मीदवार बनाया है, जबकि राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने रेखा गुप्ता को मैदान में उतारा है। वहीं, जन सुराज की ओर से पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर स्वयं चुनाव लड़ रहे हैं।
बता दें कि बांकीपुर विधानसभा में कुल 3,79,471 मतदाता हैं। इनमें पुरुष मतदाता 2,00,060 और महिला मतदाता 1,79,533 हैं। वहीं, थर्ड जेंडर 23 है। चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार, इस सीट पर 85 वर्ष से अधिक उम्र के 3,166 मतदाता और 1,024 दिव्यांग मतदाता भी हैं। इन मतदाताओं के लिए मतदान प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई। मतदान के लिए कुल 422 बूथ बनाए गए थे। इसमें 247 सरकारी और 175 निजी भवनों में बने बूथों के साथ 9 चलंत केंद्र भी शामिल रहे।