गणतंत्र दिवस 2026 : झारखंड की झांकी प्रस्तुत करेगी राज्य की हरियाली, वन्यजीव और आदिवासी संस्कृति

गणतंत्र दिवस 2026 : झारखंड की झांकी प्रस्तुत करेगी राज्य की हरियाली, वन्यजीव और आदिवासी संस्कृति

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
Updated at : Jan 23, 2026, 10:31:00 AM

गणतंत्र दिवस 2026 के अवसर पर लाल किले में आयोजित होने वाले भारत पर्व में इस बार झारखंड अपनी विशिष्ट और प्रभावशाली झांकी के साथ दर्शकों का ध्यान आकर्षित करेगा। राज्य की झांकी के जरिए झारखंड की समृद्ध प्राकृतिक संपदा, विविध जैविक जीवन और पर्यावरण संरक्षण के प्रति उसकी प्रतिबद्ध सोच को सशक्त रूप में प्रस्तुत किया जाएगा।

इस वर्ष झांकी की थीम “स्वतंत्रता का मंत्र : वंदे मातरम्” और “विकसित भारत” रखी गई है, जो प्रकृति के संरक्षण और राष्ट्र निर्माण के आपसी संबंध को रेखांकित करेगी। झांकी में झारखंड की हरियाली, जल संसाधनों की प्रचुरता और प्रकृति के साथ तालमेल में जीने वाले आदिवासी समाज की जीवनशैली को जीवंत रूप में दर्शाया जाएगा।

झांकी का मुख्य आकर्षण झारखंड का प्रसिद्ध दसम जलप्रपात, राज्य के वन क्षेत्र और इको-टूरिज्म की झलक होगी। इसके साथ ही एशियाई हाथी और नीलगाय जैसे वन्यजीवों को शामिल कर राज्य की जैव विविधता और संरक्षण प्रयासों को प्रतीकात्मक रूप से प्रदर्शित किया जाएगा। यह प्रस्तुति झारखंड को प्राकृतिक संतुलन और सतत विकास की दिशा में अग्रणी राज्य के रूप में उभारने का प्रयास करेगी।

भारत पर्व 2026 का आयोजन 26 जनवरी से 31 जनवरी तक लाल किला परिसर में किया जाएगा। इस दौरान देश के विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की झांकियां भारत की सांस्कृतिक विरासत, प्राकृतिक धरोहर और विकास की यात्रा को सामने रखेंगी। झारखंड की झांकी विशेष रूप से पर्यावरण संरक्षण और प्रकृति-आधारित पर्यटन को बढ़ावा देने वाले मॉडल के तौर पर प्रस्तुत होगी।

उल्लेखनीय है कि भारत पर्व का आयोजन हर वर्ष भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय द्वारा गणतंत्र दिवस के उपलक्ष्य में किया जाता है। यह महोत्सव आम जनता के लिए निःशुल्क रहेगा और प्रतिदिन दोपहर 12 बजे से रात 9 बजे तक खुला रहेगा। झांकियों के साथ-साथ यहां देश के अलग-अलग राज्यों के पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद लेने के लिए फूड स्टॉल भी लगाए जाएंगे, जिससे दर्शकों को भारत की विविध संस्कृति का समग्र अनुभव मिल सकेगा।