राम मंदिर ट्रस्ट की अहम बैठक, नए CEO और 3 ट्रस्टियों पर लग सकती है मुहर

राम मंदिर ट्रस्ट की अहम बैठक, नए CEO और 3 ट्रस्टियों पर लग सकती है मुहर

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
Updated at : Jul 22, 2026, 12:13:00 PM

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बुधवार को होने वाली दो महत्वपूर्ण बैठकों में मंदिर प्रशासन से जुड़े कई अहम मुद्दों पर निर्णय लिए जाने की संभावना है। इन बैठकों का सबसे बड़ा एजेंडा राम मंदिर के पहले मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) की नियुक्ति है। इसके अलावा चढ़ावा चोरी मामले की जांच, ट्रस्ट की समितियों के पुनर्गठन और रिक्त ट्रस्टी पदों पर नियुक्तियों को लेकर भी चर्चा होगी।

निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार पहली बैठक दोपहर 3 बजे राम जन्मभूमि परिसर में आयोजित होगी, जबकि दूसरी बैठक मणिराम दास छावनी स्थित ट्रस्ट अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास के आवास पर होगी। दोनों बैठकों में ट्रस्ट के वरिष्ठ सदस्य विभिन्न प्रशासनिक और संगठनात्मक विषयों पर विचार-विमर्श करेंगे।

CEO नियुक्ति पर अंतिम फैसला संभव

राम मंदिर के संचालन के लिए पहली बार मुख्य कार्यकारी अधिकारी नियुक्त किया जाएगा। जानकारी के अनुसार, इस पद के लिए गठित तीन सदस्यीय सर्च कमेटी ने तीन उम्मीदवारों के नाम अंतिम सूची में शामिल किए हैं, जिनमें से एक को CEO चुना जा सकता है। चयनित अधिकारी मंदिर के प्रशासनिक प्रबंधन, वित्तीय व्यवस्था और श्रद्धालुओं को उपलब्ध कराई जाने वाली सुविधाओं की निगरानी की जिम्मेदारी संभालेंगे।

बताया जा रहा है कि इस पद के लिए सेवानिवृत्त नौकरशाहों, कॉरपोरेट क्षेत्र के अनुभवी पेशेवरों और राम भक्तों ने आवेदन किए थे। उम्मीदवारों के चयन की जिम्मेदारी पूर्व न्यायाधीश प्रमोद कोहली, सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल विष्णुकांत चतुर्वेदी और पूर्व एनआईटी रायपुर निदेशक सुरेश हावरे की सर्च कमेटी को सौंपी गई थी।

पांच प्रमुख समितियों में बदलाव की तैयारी

ट्रस्ट अपनी पांच प्रमुख समितियों के पुनर्गठन पर भी निर्णय ले सकता है। विशेष रूप से वित्त एवं ऑडिट समिति में बदलाव की संभावना जताई जा रही है। हाल ही में सामने आए चढ़ावा विवाद के बाद वित्तीय पारदर्शिता और प्रशासनिक निगरानी को और मजबूत करने की दिशा में यह कदम महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

बैठक में ट्रस्ट के तीन खाली पड़े ट्रस्टी पदों को भरने पर भी फैसला होने की उम्मीद है। पूर्व महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा के इस्तीफे स्वीकार किए जाने के बाद दो पद रिक्त हुए थे, जबकि ट्रस्टी विमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्रा के निधन से तीसरा स्थान खाली हुआ। इन सभी पदों पर नए सदस्यों के नाम तय किए जा सकते हैं।

बैठक के एजेंडे में चढ़ावा चोरी प्रकरण भी प्रमुख विषय रहेगा। इस मामले की जांच के लिए उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित विशेष जांच दल (SIT) की रिपोर्ट और आगे की कार्रवाई पर चर्चा हो सकती है। साथ ही, सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणियों के बाद जांच की दिशा और मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी ट्रस्ट के सदस्य विचार-विमर्श कर सकते हैं।

बैठक से पहले अयोध्या पहुंचे ट्रस्ट के वरिष्ठ सदस्य

बैठकों में भाग लेने के लिए ट्रस्ट के कई वरिष्ठ पदाधिकारी पहले ही अयोध्या पहुंच चुके हैं। इनमें कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि, विश्व तीर्थ प्रसन्नाचार्य वासुदेवानंद सरस्वती और अंतरिम महासचिव कृष्ण मोहन शामिल हैं। इसी बीच निर्मोही अखाड़े से जुड़े विवाद पर महंत दिनेंद्र दास ने अपने पद से हटाए जाने की खबरों को खारिज किया है। उन्होंने दावा किया कि अखाड़े के अधिकांश पंच उनके साथ हैं और उनके खिलाफ चल रही गतिविधियां कुछ लोगों की साजिश का हिस्सा हैं। उन्होंने कहा कि कुल 19 पंचों में से 13 का समर्थन उन्हें प्राप्त है।