दिल्ली: पांच राज्यों के चुनाव से पहले ECI की बड़ी तैयारी, 1,444 केंद्रीय पर्यवेक्षकों को दी गई विशेष ट्रेनिंग

दिल्ली: पांच राज्यों के चुनाव से पहले ECI की बड़ी तैयारी, 1,444 केंद्रीय पर्यवेक्षकों को दी गई विशेष ट्रेनिंग

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
Updated at : Feb 05, 2026, 5:27:00 PM

भारत निर्वाचन आयोग ने असम, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में होने वाले आगामी विधानसभा आम चुनावों को लेकर तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में आयोग ने चुनावी प्रक्रिया की निगरानी के लिए तैनात किए जाने वाले केंद्रीय पर्यवेक्षकों के लिए नई दिल्ली में ब्रीफिंग बैठकों का आयोजन किया।

आयोग के अनुसार, इस बार कुल 1,444 अधिकारियों को ब्रीफिंग के लिए बुलाया गया है। इनमें 714 सामान्य पर्यवेक्षक, 233 पुलिस पर्यवेक्षक और 497 व्यय पर्यवेक्षक शामिल हैं। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 5 और 6 फरवरी 2026 को नई दिल्ली स्थित IIIDEM में तीन बैचों में आयोजित किया जा रहा है।

मुख्य चुनाव आयुक्त ने पर्यवेक्षकों को बताया ‘प्रकाश स्तंभ’

ब्रीफिंग सत्र के दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के साथ चुनाव आयुक्त डॉ. सुखबीर सिंह संधू और डॉ. विवेक जोशी भी मौजूद रहे। तीनों अधिकारियों ने पर्यवेक्षकों को उनके दायित्वों और आयोग की अपेक्षाओं के बारे में विस्तार से निर्देश दिए।

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा कि पर्यवेक्षकों को आयोग ने ‘प्रकाश स्तंभ’ के रूप में चुना है और उनकी भूमिका निष्पक्ष, स्वतंत्र और पारदर्शी चुनाव सुनिश्चित करने में बेहद अहम होगी। उन्होंने यह भी कहा कि पर्यवेक्षकों की मौजूदगी से 824 निर्वाचन क्षेत्रों में पूरी चुनाव व्यवस्था अधिक सक्रिय और प्रभावी बनेगी।

चुनाव आयुक्त डॉ. एस.एस. संधू ने पर्यवेक्षकों से कहा कि वे क्षेत्र में कार्यरत चुनाव अधिकारियों के लिए मित्र, दार्शनिक और मार्गदर्शक की तरह काम करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि पर्यवेक्षकों की तैनाती का व्यापक प्रचार होना चाहिए और उन्हें आम मतदाताओं के लिए आसानी से उपलब्ध रहना चाहिए, ताकि शिकायतों का त्वरित समाधान हो सके और किसी प्रकार के पक्षपात की धारणा न बने।

निर्देशों का सख्त पालन और VIS समय पर वितरण पर जोर

चुनाव आयुक्त डॉ. विवेक जोशी ने कहा कि पर्यवेक्षक यह सुनिश्चित करें कि आयोग के सभी निर्देशों का अक्षरशः पालन हो और लोकतांत्रिक मूल्यों तथा निष्पक्षता की भावना बनी रहे। उन्होंने विशेष रूप से निर्देश दिया कि मतदाता सूचना पर्चियां (VIS) समय पर मतदाताओं तक पहुंचाई जाएं, ताकि मतदान के दिन किसी को परेशानी न हो।

ब्रीफिंग कार्यक्रम के दौरान आयोग ने पर्यवेक्षकों के साथ प्रश्नोत्तर और शंका-समाधान सत्र भी आयोजित किया। वरिष्ठ अधिकारियों ने पांचों चुनावी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाता सूची तैयार करने, चुनाव प्रबंधन तथा अन्य प्रक्रियात्मक पहलुओं पर विस्तृत जानकारी दी।

साथ ही, पर्यवेक्षकों को चुनाव से जुड़े आईटी अनुप्रयोगों, विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म और मीडिया से संबंधित मामलों की भी जानकारी दी गई।

‘आंख और कान’ बनकर आयोग को सीधे रिपोर्ट देने के निर्देश

निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया कि केंद्रीय पर्यवेक्षक आयोग की ‘आंख और कान’ की तरह कार्य करेंगे। उन्हें सभी चुनाव कानूनों, नियमों और दिशा-निर्देशों का गहन अध्ययन कर निष्पक्ष और सख्त अनुपालन सुनिश्चित करने के साथ-साथ जमीनी हालात की रिपोर्ट सीधे आयोग को देने को कहा गया है।

पर्यवेक्षकों को राजनीतिक दलों, प्रत्याशियों और मतदाताओं के लिए पूरी तरह उपलब्ध रहने तथा शिकायतों के शीघ्र निस्तारण की जिम्मेदारी भी सौंपी गई है।

मतदान केंद्रों के निरीक्षण और AMF सुविधाओं पर खास ध्यान

आयोग ने पर्यवेक्षकों को निर्देश दिया है कि वे नियमित रूप से मतदान केंद्रों का दौरा करें और मतदाताओं की सुविधा के लिए लागू की गई नई पहलों, विशेषकर ‘आश्वासित न्यूनतम सुविधाएं’ (AMFs) की व्यवस्था को सुनिश्चित करें।

अनुच्छेद 324 के तहत पर्यवेक्षकों की नियुक्ति

निर्वाचन आयोग संविधान के अनुच्छेद 324 और जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 20B के तहत प्राप्त अधिकारों का उपयोग करते हुए केंद्रीय पर्यवेक्षकों की नियुक्ति करता है। इनका उद्देश्य स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराना तथा जमीनी स्तर पर चुनावी व्यवस्था की प्रभावी निगरानी सुनिश्चित करना होता है।