परीक्षा रद्द करने के फैसले पर बवाल, प्रोजेक्ट भवन में अभ्यर्थियों ने तोड़ी सुरक्षा व्यवस्था

परीक्षा रद्द करने के फैसले पर बवाल, प्रोजेक्ट भवन में अभ्यर्थियों ने तोड़ी सुरक्षा व्यवस्था

रांची में परीक्षा रद्द किए जाने के विरोध में अभ्यर्थियों का आंदोलन बुधवार को अचानक उग्र हो गया। बड़ी संख्या में नाराज और बर्खास्त अभ्यर्थी प्रोजेक्ट भवन सचिवालय के मुख्य प्रवेश द्वार पर पहुंच गए। देखते ही देखते प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षा व्यवस्था को तोड़ते हुए बैरिकेड पार कर लिया और सचिवालय परिसर के भीतर दाखिल हो गए।

प्रदर्शनकारियों के परिसर में प्रवेश करने के बाद पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच बहस और धक्का-मुक्की की स्थिति पैदा हो गई। अभ्यर्थियों ने मुख्य गेट के सामने अपना विरोध जारी रखा और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

आंदोलनकारियों की प्रमुख मांग परीक्षा रद्द करने के फैसले को तत्काल वापस लेना है। प्रदर्शन के दौरान कई अभ्यर्थी बेहद भावुक नजर आए। कुछ अभ्यर्थी जमीन पर लेट गए और रोते हुए अपने लिए न्याय की मांग करते दिखे। इस घटनाक्रम के बाद सचिवालय परिसर में तनाव और बढ़ गया।

स्थिति को नियंत्रित करने के लिए प्रोजेक्ट भवन के आसपास बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। मौके पर पहुंचे हटिया डीएसपी नीरज कुमार ने बताया कि इलाके में धारा 144/163 बीएनएस के तहत प्रतिबंध लागू हैं।

डीएसपी ने प्रदर्शनकारियों से अपील करते हुए कहा कि वे शिक्षित युवा हैं और उन्हें संवेदनशील सरकारी परिसर में लागू प्रतिबंधों का पालन करना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि प्रतिबंधित क्षेत्र में इस तरह का प्रदर्शन करने पर संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। पुलिस फिलहाल प्रदर्शनकारियों को शांतिपूर्वक परिसर से बाहर निकलने के लिए समझाने का प्रयास कर रही है।

नीरज कुमार ने मीडिया से भी अपील की कि खबरों के माध्यम से अभ्यर्थियों को स्थिति की गंभीरता और लागू प्रतिबंधों की जानकारी दी जाए, ताकि वे सचिवालय परिसर से बाहर निकलें और हालात को नियंत्रित किया जा सके।

फिलहाल प्रोजेक्ट भवन में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। पुलिस और प्रशासन प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर उन्हें परिसर से बाहर निकालने की कोशिश में जुटे हैं। वहीं, अभ्यर्थी परीक्षा रद्द करने के निर्णय को वापस लेने की मांग पर अड़े हुए हैं।