JPSC आंदोलन में सुलह की आहट, सरकार से वार्ता के लिए तैयार होगा छात्र प्रतिनिधिमंडल

JPSC आंदोलन में सुलह की आहट, सरकार से वार्ता के लिए तैयार होगा छात्र प्रतिनिधिमंडल

जेपीएससी परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर जारी छात्र आंदोलन अब समाधान की दिशा में बढ़ता नजर आ रहा है। राज्य सरकार द्वारा वार्ता के लिए चार सदस्यीय मंत्रिस्तरीय समिति गठित किए जाने के बाद छात्रों की ओर से भी बातचीत की प्रक्रिया में शामिल होने के संकेत मिले हैं।

आंदोलनकारी छात्रों ने गुरुवार सुबह जानकारी दी कि वे सरकार से बातचीत के लिए अपना प्रतिनिधिमंडल गठित कर सकते हैं। बताया जा रहा है कि सुबह करीब 10:30 बजे प्रतिनिधियों के नामों की घोषणा की जा सकती है। हालांकि छात्रों ने पहले ही यह स्पष्ट कर दिया था कि वार्ता पूरी तरह पारदर्शी होनी चाहिए और मीडिया की मौजूदगी में आयोजित की जाए।

जेपीएससी परीक्षा में कथित गड़बड़ियों के विरोध में छात्र पिछले 12 दिनों से रांची के जयपाल सिंह स्टेडियम परिसर में धरना दे रहे हैं। आंदोलन लगातार व्यापक होता जा रहा है और प्रतिदिन नए छात्र एवं समर्थक इसमें शामिल हो रहे हैं। वहीं चार छात्र अभी भी आमरण अनशन पर बैठे हुए हैं।

प्रदर्शनकारी छात्रों की प्रमुख मांगों में विवादित परीक्षाओं को रद्द करना, भर्ती प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और निष्पक्ष बनाना तथा परीक्षा में हुई अनियमितताओं के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई शामिल है।

इस पूरे मामले की जांच फिलहाल सीआईडी कर रही है। जांच एजेंसी अब तक कथित मास्टरमाइंड अभय तिवारी सहित 19 आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज चुकी है। गिरफ्तार लोगों में जेपीएससी से जुड़े कुछ अधिकारी और धर्मेंद्र कुमार नामक एक एजेंट भी शामिल है।

जांच के दौरान सामने आया है कि धर्मेंद्र कुमार एक वरिष्ठ अधिकारी के आवासीय कार्यालय में कंप्यूटर ऑपरेटर के रूप में कार्यरत था। इससे पहले वह जेपीएससी के पूर्व अध्यक्ष एल. ख्यांग्ते के साथ उस समय काम कर चुका था, जब वे राज्य के मुख्य सचिव थे। हालांकि सीआईडी ने अब तक यह सार्वजनिक नहीं किया है कि वर्तमान में धर्मेंद्र कुमार किस विभाग या कार्यालय में कार्यरत था।

सरकार की पहल और छात्रों की ओर से प्रतिनिधिमंडल गठित करने की तैयारी के बीच अब सबकी नजर प्रस्तावित वार्ता पर टिकी है, जिससे इस लंबे आंदोलन के समाधान की दिशा तय हो सकती है।