नौकरी बची तो छलके आंसू! JSSC-CGL अभ्यर्थियों ने चूमी जमीन, राष्ट्रगान से गूंजा प्रोजेक्ट भवन

नौकरी बची तो छलके आंसू! JSSC-CGL अभ्यर्थियों ने चूमी जमीन, राष्ट्रगान से गूंजा प्रोजेक्ट भवन

झारखंड हाईकोर्ट के उस आदेश के बाद जेएसएससी-सीजीएल से चयनित अभ्यर्थियों को बड़ी राहत मिली है, जिसमें परीक्षा के आधार पर हुई नियुक्तियों को रद्द करने के फैसले पर रोक लगा दी गई। अदालत के आदेश की जानकारी मिलते ही पिछले चार दिनों से प्रोजेक्ट भवन के बाहर आंदोलन कर रहे नवनियुक्त कर्मियों के बीच खुशी की लहर दौड़ गई।

लंबे समय से अपनी नौकरी और सेवा की सुरक्षा को लेकर प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थी इस फैसले से इतने भावुक हुए कि कई लोगों ने जमीन को चूमकर अपनी भावनाएं जाहिर कीं। इसके बाद प्रदर्शन स्थल पर खुशी का माहौल बन गया। अभ्यर्थियों ने सामूहिक रूप से राष्ट्रगान गाया और अदालत के प्रति आभार जताया।

सचिवालय के मुख्य प्रवेश द्वार के सामने काफी देर तक जश्न का दौर चलता रहा। अभ्यर्थियों ने एक-दूसरे को गले लगाया और शुभकामनाएं दीं। कई दिनों से आंदोलन के दौरान रातें सड़क पर गुजार रहे नवनियुक्त अधिकारियों के चेहरों पर इस दौरान राहत और संतोष साफ दिखाई दिया।

अभ्यर्थियों ने कहा कि उन्होंने प्रतियोगी परीक्षा में अपनी योग्यता और मेहनत के आधार पर सफलता हासिल की है। उनके मुताबिक, नियुक्ति रद्द होने के फैसले से उनका भविष्य अनिश्चितता में चला गया था और परिवारों के सामने भी चिंता की स्थिति पैदा हो गई थी। हाईकोर्ट के हस्तक्षेप से फिलहाल उन्हें बड़ी राहत मिली है।

प्रदर्शनकारियों ने न्यायपालिका के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए कहा कि अदालत के आदेश ने उन्हें अपने भविष्य को लेकर फिर से उम्मीद दी है। उनका कहना है कि वे नियुक्ति के बाद पूरी जिम्मेदारी और ईमानदारी के साथ सरकारी सेवा में योगदान दे रहे थे। अब उन्हें उम्मीद है कि आगे की कानूनी प्रक्रिया में भी उनके हितों और अधिकारों का संरक्षण होगा।

हाईकोर्ट के फैसले के बाद आंदोलन कर रहे चयनित अभ्यर्थियों ने इसे अपनी मेहनत और न्याय की जीत के रूप में देखा। राष्ट्रगान के साथ समाप्त हुए इस जश्न में उनके चेहरे पर लंबे इंतजार के बाद मिली राहत और भविष्य को लेकर नई उम्मीद दोनों नजर आईं।