JPSC पर छात्रों के आंदोलन को मिला राजनीतिक समर्थन, कांग्रेस करेगी CM से मुलाकात

JPSC पर छात्रों के आंदोलन को मिला राजनीतिक समर्थन, कांग्रेस करेगी CM से मुलाकात

झारखंड में 14वीं जेपीएससी सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। परीक्षा रद्द करने और मामले की स्वतंत्र जांच की मांग को लेकर अभ्यर्थियों का आंदोलन जारी है, वहीं दूसरी ओर जांच एजेंसी सीआईडी ने अपनी कार्रवाई और तेज कर दी है। राज्य के विभिन्न हिस्सों में कई स्थानों पर एक साथ छापेमारी की जा रही है, जिससे जांच नए चरण में पहुंचती दिखाई दे रही है।

सूत्रों के अनुसार, रांची समेत झारखंड के अलग-अलग शहरों में लगभग 20 ठिकानों पर सीआईडी की टीमों ने दबिश दी है। इसके समानांतर झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) के पूर्व अध्यक्ष एल. खियांग्ते से भी लगातार पूछताछ जारी है। सोमवार को वे लगातार चौथे दिन सीआईडी मुख्यालय पहुंचे, जहां 14वीं जेपीएससी सिविल सेवा परीक्षा के अलावा आयोग द्वारा आयोजित अन्य परीक्षाओं से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर उनसे सवाल-जवाब किए गए।

इस बीच, जेपीएससी विवाद अब राजनीतिक रंग भी लेने लगा है। परीक्षा प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर आंदोलन कर रहे छात्र जहां सीबीआई जांच और 14वीं पीटी परीक्षा को रद्द करने की मांग पर अड़े हैं, वहीं सत्तारूढ़ महागठबंधन की सहयोगी कांग्रेस ने भी छात्रों के मुद्दों के प्रति समर्थन जताया है।

कांग्रेस ने घोषणा की है कि पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल 5 अगस्त को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुलाकात करेगा। इस दौरान जेपीएससी की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता बढ़ाने और आयोग को अधिक सक्षम एवं निष्पक्ष बनाने से जुड़े सुझाव मुख्यमंत्री के समक्ष रखे जाएंगे।

राज्य के वित्त मंत्री और कांग्रेस नेता राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि कांग्रेस हमेशा युवाओं के हितों को प्राथमिकता देती रही है। उन्होंने बताया कि कांग्रेस प्रभारी के. राजू के साथ हुई ऑनलाइन बैठक में यह निर्णय लिया गया कि मौजूदा परिस्थितियों पर मुख्यमंत्री से विस्तार से चर्चा की जाएगी। उनका कहना था कि यह केवल एक परीक्षा का मामला नहीं, बल्कि हजारों युवाओं के भविष्य से जुड़ा गंभीर विषय है। इसलिए आयोग की विश्वसनीयता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाने चाहिए।