श्रावणी मेले की ड्यूटी ने बढ़ाई पुलिस की मुश्किलें, अगले आदेश तक नहीं मिलेगी छुट्टी

श्रावणी मेले की ड्यूटी ने बढ़ाई पुलिस की मुश्किलें, अगले आदेश तक नहीं मिलेगी छुट्टी

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
Updated at : Jul 20, 2026, 12:09:00 PM

विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेले की तैयारियों के बीच झारखंड पुलिस बल पर अतिरिक्त जिम्मेदारियां आ गई हैं। मेले के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावी बनाए रखने के उद्देश्य से पुलिस मुख्यालय ने अगले आदेश तक पुलिसकर्मियों की छुट्टियों पर रोक लगा दी है। इस निर्णय के बाद कई पुलिसकर्मियों ने बढ़ते कार्यभार, पारिवारिक दायित्वों और मानसिक दबाव को लेकर चिंता जताई है।

श्रावणी मेले में हर वर्ष लाखों श्रद्धालु बाबा बैद्यनाथ धाम पहुंचते हैं। भीड़ प्रबंधन, कानून-व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए राज्यभर से बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की जाती है। इसी कारण इस बार भी जिला पुलिस, सशस्त्र बल और अन्य इकाइयों के कर्मियों की छुट्टियां अस्थायी रूप से निरस्त कर दी गई हैं, ताकि किसी भी स्तर पर सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित न हो।

हालांकि, कई पुलिसकर्मियों का कहना है कि वे पहले से ही लगातार कानून-व्यवस्था, वीआईपी ड्यूटी और अन्य प्रशासनिक जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रहे हैं। ऐसे में बिना अवकाश के लगातार ड्यूटी करने से शारीरिक थकान के साथ मानसिक तनाव भी बढ़ रहा है। उनका मानना है कि अचानक छुट्टियां रद्द होने से पहले से तय पारिवारिक कार्यक्रम और जरूरी व्यक्तिगत कार्य प्रभावित हुए हैं।

नाम सार्वजनिक नहीं करने की शर्त पर एक पुलिसकर्मी ने बताया कि परिवार से जुड़े कई महत्वपूर्ण कार्य, जैसे बच्चों के स्कूल में प्रवेश, माता-पिता के इलाज और पहले से तय पारिवारिक समारोह अब प्रभावित हो गए हैं। उनका कहना है कि लंबे समय तक लगातार ड्यूटी और निजी जीवन के बीच संतुलन नहीं बन पाने से तनाव बढ़ना स्वाभाविक है।

इस बीच पुलिस संगठनों से जुड़े कुछ प्रतिनिधियों का मानना है कि सुरक्षा व्यवस्था सर्वोच्च प्राथमिकता है, लेकिन पुलिसकर्मियों के मानसिक स्वास्थ्य और पारिवारिक आवश्यकताओं को भी नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। उनका सुझाव है कि विशेष परिस्थितियों में आपातकालीन अवकाश की प्रभावी व्यवस्था हो, ताकि जरूरतमंद कर्मियों को राहत मिल सके।

मामले पर झारखंड पुलिस एसोसिएशन के अध्यक्ष राहुल मुर्मू ने कहा कि राज्य में पुलिस बल के स्वीकृत पदों की तुलना में बड़ी संख्या में रिक्तियां हैं। यदि सभी खाली पदों पर नियुक्तियां हो जाएं, तो अवकाश के लिए रोटेशन प्रणाली बेहतर ढंग से लागू की जा सकती है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि आपातकालीन परिस्थितियों में आवश्यकतानुसार छुट्टी देने की व्यवस्था पहले से मौजूद है और जरूरत पड़ने पर पुलिसकर्मियों को राहत प्रदान की जाती है।