शिक्षा के अधिकार अधिनियम (RTE) के तहत निजी स्कूलों में आर्थिक रूप से कमजोर और अभिवंचित वर्ग के बच्चों के लिए वर्ष 2026-27 में दाखिले की प्रक्रिया आगे बढ़ गई है। रांची जिले में दूसरे चरण की ऑनलाइन लॉटरी के जरिए 35 निजी विद्यालयों के लिए 89 बच्चों का चयन किया गया है। चयनित विद्यार्थियों को संबंधित स्कूलों में बिना शुल्क प्रवेश दिया जाएगा और आठवीं कक्षा तक उनकी पढ़ाई निःशुल्क होगी।
दूसरे चरण की लॉटरी समाहरणालय परिसर स्थित एनआईसी सभागार में आयोजित की गई। जिला उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री के दिशा-निर्देश में हुई इस प्रक्रिया की अध्यक्षता उप विकास आयुक्त संजय कुमार भगत ने की। मौके पर जिला शिक्षा पदाधिकारी वसीम अहमद, जिला शिक्षा अधीक्षक बादल राज, सहायक जिला सूचना एवं विज्ञान पदाधिकारी रीमा कुजूर, एडीपीओ सहित शिक्षा विभाग के कई अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
RTE अधिनियम 2009 की धारा 12(1)(ब) के प्रावधानों के तहत मान्यता प्राप्त निजी विद्यालयों की प्रवेश कक्षा की 25 प्रतिशत सीटें कमजोर और वंचित वर्ग के बच्चों के लिए निर्धारित रहती हैं। इन्हीं सीटों पर दाखिले के लिए दूसरे चरण की ऑनलाइन चयन प्रक्रिया आयोजित की गई।
इस चरण में जिला प्रशासन को 224 आवेदन प्राप्त हुए थे। सभी आवेदनों और संबंधित दस्तावेजों की जांच के बाद 224 अभ्यर्थियों को लॉटरी में शामिल होने के लिए योग्य माना गया। जिले के 39 मान्यता प्राप्त निजी विद्यालयों में कुल 183 सीटों पर दूसरे चरण में दाखिले की प्रक्रिया शुरू की गई थी।
ऑनलाइन लॉटरी के परिणामस्वरूप 35 स्कूलों में 89 बच्चों को सीट आवंटित की गई। प्रशासन के मुताबिक, RTE के तहत पहले और दूसरे चरण को मिलाकर अब तक कुल 722 सीटों पर बच्चों का नामांकन सुनिश्चित किया जा चुका है।
लॉटरी में चयनित बच्चों के अभिभावकों को अब संबंधित विद्यालयों में जाकर प्रवेश प्रक्रिया पूरी करनी होगी। जिला प्रशासन ने स्कूल प्रबंधन को निर्देश दिया है कि चयनित बच्चों का नामांकन एक सप्ताह के भीतर पूरा किया जाए।
प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि RTE कोटे के तहत चयनित विद्यार्थियों से नियमों के अनुरूप किसी तरह की फीस नहीं ली जाएगी। बच्चों को निजी विद्यालयों में शिक्षा का अवसर उपलब्ध कराने के लिए निर्धारित प्रावधानों का पालन सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी स्कूलों की होगी।
उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री ने कहा कि ऑनलाइन लॉटरी को तकनीकी सुरक्षा के साथ संचालित किया गया और पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता तथा निष्पक्षता बनाए रखने पर विशेष ध्यान दिया गया। उन्होंने कहा कि RTE के प्रभावी क्रियान्वयन के माध्यम से कमजोर और वंचित वर्ग के बच्चों को बेहतर निजी स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने की दिशा में प्रशासन लगातार काम कर रहा है।