झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) से जुड़ा विवाद अब एक बड़े प्रशासनिक घटनाक्रम में बदल गया है। आयोग की तीन सदस्य अजीता भट्टाचार्य, डॉ. जमील अहमद और डॉ. अनिमा हांसदा ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है। तीनों ने अपना त्यागपत्र झारखंड के राज्यपाल को भेजा है। यह घटनाक्रम ऐसे समय हुआ है, जब आयोग की हालिया प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं।
परीक्षाओं में गड़बड़ी के आरोपों को लेकर अभ्यर्थी और विभिन्न संगठन लंबे समय से आंदोलन कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांग पूरे मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की रही है। लगातार बढ़ते विरोध, प्रशासनिक दबाव और राजनीतिक गतिविधियों के बीच तीन सदस्यों का एक साथ इस्तीफा देना आयोग के लिए महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है।
इस्तीफे के बीच अब जांच एजेंसी भी जेपीएससी के इन तीनों सदस्यों से पूछताछ करने जा रही है। सीआईडी ने तीनों को अलग-अलग तारीखों पर पूछताछ के लिए बुलाया है।
जांच के दौरान सीआईडी उनसे परीक्षा प्रक्रिया, कथित अनियमितताओं और मामले से जुड़े अन्य पहलुओं पर जानकारी हासिल करेगी। जांच की जरूरत के अनुसार भविष्य में तीनों को दोबारा भी पूछताछ के लिए बुलाया जा सकता है।
इससे पहले आयोग के पूर्व अध्यक्ष एल. खियांग्ते से भी सीआईडी कई चरणों में पूछताछ कर चुकी है। उनसे लगातार चार दिनों तक सवाल-जवाब किए गए थे।
दूसरी ओर, JPSC परीक्षा अनियमितता मामले में गिरफ्तार दो आरोपियों से सीआईडी की पूछताछ जारी है। पांच दिनों की रिमांड के दूसरे दिन सीआईडी ने मुख्य सचिव कार्यालय में कार्यरत कंप्यूटर ऑपरेटर धर्मेंद्र कुमार और परीक्षा संचालन से जुड़ी एजेंसी टीडीपीएल के अकाउंटेंट रक्षक सिंह से पूछताछ की।
जांच में रक्षक सिंह का एक और अहम पहलू सामने आया है। वह JPSC की 14वीं सिविल सेवा परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों में शामिल रहा था। वहीं धर्मेंद्र कुमार के संबंध मामले में पहले गिरफ्तार किए जा चुके टीडीपीएल के तत्कालीन मैनेजर मनोज तिवारी उर्फ अभय तिवारी और उसके संपर्क में रहे लोगों से जुड़े होने की बात सामने आई है। जांच एजेंसी को जेपीएससी के एक वरिष्ठ अधिकारी के साथ भी उसकी नजदीकियों से संबंधित जानकारी मिली है।
सीआईडी सूत्रों के अनुसार, दोनों आरोपियों से पूछताछ के दौरान कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिली हैं। अब इन सूचनाओं को पहले से जांच में सामने आए तथ्यों और दस्तावेजों से मिलाया जा रहा है। जांच आगे बढ़ने के साथ मामले में कुछ अन्य लोगों की भूमिका सामने आने और उनकी गिरफ्तारी की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा रहा है।