जामताड़ा जिले में अपराधियों की गतिविधियों पर लगाम कसने और संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान सुनिश्चित करने के उद्देश्य से पुलिस ने बुधवार और गुरुवार की दरम्यानी रात व्यापक जांच अभियान चलाया। पुलिस अधीक्षक शंभू कुमार सिंह के निर्देश पर जिलेभर में एक साथ कार्रवाई करते हुए विभिन्न सार्वजनिक ठहराव स्थलों और संवेदनशील स्थानों की गहन जांच की गई।
इस विशेष अभियान का नेतृत्व अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी वसीम रजा तथा साइबर थाना के पुलिस उपाधीक्षक अमित रविदास ने किया। पुलिस टीमों ने जामताड़ा, मिहिजाम समेत जिले के सभी थाना क्षेत्रों में स्थित होटल, लॉज, धर्मशालाओं और अतिथिगृहों का निरीक्षण किया। वहां ठहरे लोगों के पहचान पत्रों की जांच की गई और उनके दस्तावेजों का सत्यापन भी किया गया। इसके अलावा रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड जैसे प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर मौजूद संदिग्ध व्यक्तियों से पूछताछ कर उनकी गतिविधियों की पड़ताल की गई।
अभियान के दौरान होटल और लॉज संचालकों को सुरक्षा संबंधी दिशा-निर्देश भी दिए गए। पुलिस ने स्पष्ट किया कि बिना वैध पहचान पत्र के किसी भी व्यक्ति को कमरा उपलब्ध नहीं कराया जाए। साथ ही प्रत्येक आगंतुक का पूरा विवरण निर्धारित रजिस्टर में दर्ज करने और रिकॉर्ड को अद्यतन रखने के निर्देश दिए गए।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, पिछले दो महीनों से जिले में अपराध नियंत्रण को लेकर लगातार विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं। इस अवधि में लगभग 750 वारंटों का निष्पादन किया गया है, जबकि विभिन्न मामलों में वांछित करीब 100 आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक प्रक्रिया के तहत जेल भेजा गया है।
पुलिस अधीक्षक शंभू कुमार सिंह ने सभी थाना प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित गश्त तेज करने और संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी नजर बनाए रखने का निर्देश दिया है। पुलिस का कहना है कि जिले में कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने और अपराध पर प्रभावी नियंत्रण के लिए इस प्रकार के अभियान भविष्य में भी लगातार जारी रहेंगे।
जामताड़ा से संतोष कुमार की रिपोर्ट