रांची स्थित ऐतिहासिक जगन्नाथपुर मंदिर के प्रबंधन और संचालन को लेकर चल रहे विवाद पर झारखंड हाईकोर्ट में अहम सुनवाई हुई। मामले की सुनवाई के दौरान झारखंड हिंदू धार्मिक न्यास बोर्ड ने मंदिर के संचालन और प्रशासन के लिए तैयार की गई प्रस्तावित स्कीम अदालत के समक्ष प्रस्तुत की।
न्यायमूर्ति आनंदा सेन की एकलपीठ ने इस स्कीम पर सभी संबंधित पक्षों से दो सप्ताह के भीतर अपने सुझाव और आपत्तियां दाखिल करने को कहा है। अदालत ने स्पष्ट किया कि इन सुझावों पर विचार करने के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने रांची के उपायुक्त को निर्देश दिया कि जगन्नाथपुर मंदिर न्यास समिति को मंदिर के नियमित संचालन के लिए हर महीने 30 हजार रुपये उपलब्ध कराए जाएं। साथ ही समिति को यह भी सुनिश्चित करना होगा कि वह प्रत्येक सप्ताह खर्च का विस्तृत विवरण उपायुक्त को सौंपे, ताकि वित्तीय पारदर्शिता बनी रहे।
झारखंड हिंदू धार्मिक न्यास बोर्ड की ओर से अधिवक्ता भरत कुमार ने अदालत में पक्ष रखा। उल्लेखनीय है कि पिछली सुनवाई में हाईकोर्ट ने बोर्ड को झारखंड हिंदू धार्मिक ट्रस्ट बोर्ड अधिनियम की धारा 32 के तहत मंदिर के संचालन एवं प्रबंधन की विस्तृत योजना तैयार कर अदालत के समक्ष पेश करने का निर्देश दिया था। उसी आदेश के अनुपालन में यह स्कीम कोर्ट में दाखिल की गई है।