श्रावणी मेला-2026 के दौरान बाबा बैद्यनाथ धाम पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के उद्देश्य से देवघर जिला प्रशासन ने खाद्य सुरक्षा अभियान तेज कर दिया है। उपायुक्त सौरभ कुमार भुवानिया के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम जिले के विभिन्न होटलों, रेस्टोरेंट, मिठाई दुकानों, चाट स्टॉल और खाद्य भंडारण केंद्रों की लगातार जांच कर रही है। निरीक्षण के दौरान मोबाइल फूड टेस्टिंग लैब की सहायता से खाद्य पदार्थों की मौके पर ही गुणवत्ता जांची जा रही है, जबकि संदिग्ध वस्तुओं के नमूने भी परीक्षण के लिए एकत्र किए जा रहे हैं।
शनिवार को अभियान के तहत घोरमारा, मोहनपुर और देवघर क्षेत्र स्थित ओम जी पेड़ा शॉप का औचक निरीक्षण किया गया। जांच में पेड़ा बनाने के लिए करीब 1,060 किलोग्राम खोया भंडारित मिला। प्राथमिक परीक्षण में इसकी गुणवत्ता पर संदेह होने के कारण पूरी खेप को एहतियातन सील कर दिया गया। अब प्रयोगशाला जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
इसी अभियान के दौरान मधुबन होटल, माधुरी होटल, सिंध होटल, होटल नीलकमल, कार्तिक फूड प्लाज़ा, कामधेनु होटल, रूफ टॉप रेस्टोरेंट, विक्रम चाट भंडार, वेदा इन-द विंटेज, होटल राज और बसुकी पकौड़ी चाट सहित कई प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया। यहां मिर्च और हल्दी पाउडर, पनीर, चाट, घुघनी तथा पकौड़ी जैसे खाद्य पदार्थों की मोबाइल फूड टेस्टिंग लैब से जांच की गई।
जांच के दौरान रूफ टॉप रेस्टोरेंट में इस्तेमाल किए जा रहे एक किलोग्राम हल्दी पाउडर में प्रतिबंधित कृत्रिम रंग मेटानिल येलो की मिलावट पाई गई। इसके अलावा एक किलोग्राम एक्सपायरी सूजी भी बरामद हुई, जिसे तत्काल जब्त कर नष्ट करा दिया गया। वहीं विक्रम चाट भंडार की लगभग 10 किलोग्राम चाट और बसुकी पकौड़ी चाट की करीब 10 किलोग्राम घुघनी में भी मेटानिल येलो की मौजूदगी सामने आई। इसके बाद संबंधित खाद्य सामग्री के साथ लगभग पांच किलोग्राम पकौड़ी को भी मौके पर ही नष्ट करा दिया गया।
खाद्य सुरक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि मिलावटी, असुरक्षित, निम्न गुणवत्ता वाले या एक्सपायरी खाद्य पदार्थों का निर्माण, भंडारण अथवा बिक्री करने वाले कारोबारियों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा कानून के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने यह भी कहा कि श्रावणी मेला समाप्त होने तक जिलेभर के होटल, ढाबे, रेस्टोरेंट, मिठाई दुकानें, डेयरी प्रतिष्ठान, चाट विक्रेता और खाद्य गोदाम लगातार निगरानी के दायरे में रहेंगे, ताकि श्रद्धालुओं के स्वास्थ्य से किसी प्रकार का समझौता न हो।