दिल्ली में जनता के अधिकारों का हनन और अघोषित आपातकाल जैसी स्थिति बर्दाश्त नहीं: अख्तर अली

झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश प्रवक्ता अख्तर अली ने दिल्ली में जन-प्रदर्शनों को रोकने के नाम पर प्रशासन द्वारा उठाए जा रहे कथित दमनकारी कदमों की कड़े शब्दों में निंदा की है।

रांची: झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश प्रवक्ता अख्तर अली ने दिल्ली में जन-प्रदर्शनों को रोकने के नाम पर प्रशासन द्वारा उठाए जा रहे कथित दमनकारी कदमों की कड़े शब्दों में निंदा की है। उन्होंने कहा कि देश की राजधानी में जिस तरह नागरिकों की आवाज दबाने और विरोध-प्रदर्शनों को नियंत्रित करने की खबरें सामने आ रही हैं, वह लोकतांत्रिक मूल्यों पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं। ऐसी स्थिति अघोषित आपातकाल जैसी प्रतीत होती है।

अख्तर अली ने कहा कि शांतिपूर्ण विरोध करना, अपनी बात रखना और सरकार से सवाल पूछना प्रत्येक नागरिक का संवैधानिक अधिकार है। लोकतंत्र में जनता को अपनी समस्याओं और असहमति को व्यक्त करने की पूरी स्वतंत्रता होनी चाहिए। लेकिन मस्जिदों में जाकर चेतावनी देने, होटल बुकिंग रद्द करने तथा रेल और हवाई सेवाओं को प्रभावित करने जैसे कदमों की खबरें चिंताजनक हैं। यदि इन कदमों का उद्देश्य जनता की आवाज दबाना है, तो यह लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती है।

उन्होंने कहा कि सरकार और प्रशासन की जिम्मेदारी नागरिकों के अधिकारों की रक्षा करना तथा कानून-व्यवस्था बनाए रखना है, न कि भय का माहौल पैदा कर लोगों को उनके लोकतांत्रिक अधिकारों से वंचित करना। किसी भी सरकार की जवाबदेही जनता के प्रति होती है और जनता को यह अधिकार है कि वह नीतियों पर सवाल उठाए तथा अपनी मांगों के समर्थन में शांतिपूर्ण प्रदर्शन करे।

रांची से सुजीत कुमार की रिपोर्ट