स्वतंत्रता दिवस से ठीक पहले दिल्ली में बम धमकी का मामला सामने आने से सुरक्षा एजेंसियों में हलचल बढ़ गई है। दिल्ली हाई कोर्ट सहित राजधानी की छह प्रमुख जगहों को निशाना बनाने की धमकी ई-मेल के जरिए दी गई है। सूचना मिलते ही पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने सतर्कता बढ़ाते हुए संबंधित परिसरों में जांच शुरू कर दी।
दिल्ली हाई कोर्ट को भेजे गए ई-मेल में 15 अगस्त को विस्फोट किए जाने का दावा किया गया है। संदेश में हाई कोर्ट के अलावा जिला अदालतों, लाल किले, ट्रेन और मेट्रो को भी निशाना बनाने की बात कही गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए बम निरोधक दस्तों ने हाई कोर्ट परिसर की तलाशी शुरू कर दी है।
धमकी भरे संदेश के विषय में दोपहर 2:11 बजे दिल्ली हाई कोर्ट में बम विस्फोट किए जाने का दावा किया गया है। ई-मेल में दिल्ली को खालिस्तान बनाने से संबंधित आपत्तिजनक दावे भी किए गए हैं। संदेश में सिख समुदाय से जुड़े मामलों और 1984 के सिख विरोधी दंगों से संबंधित मामलों में कथित तौर पर न्याय नहीं मिलने का आरोप लगाया गया है। इसी कथित नाराजगी को हमले की वजह के तौर पर पेश करने की कोशिश की गई है।
ई-मेल में दिल्ली हाई कोर्ट के साथ राजधानी की जिला अदालतों का भी उल्लेख किया गया है। संदेश में आरोप लगाया गया है कि सिखों से जुड़े मामलों में जिला अदालतों से भी न्याय नहीं मिला और उन्हें भी हमले के निशाने पर रखा गया है। लाल किले का नाम भी धमकी में शामिल है। इसके अलावा संदेश में खाकी वर्दी पहने लोगों के जरिए हमले को अंजाम देने का दावा किया गया है। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और सुरक्षा एजेंसियां पूरे मामले की जांच कर रही हैं।
धमकी भरे ई-मेल में दिल्ली से अंबाला जाने वाली ट्रेन और मेट्रो का भी जिक्र किया गया है। संदेश में दावा किया गया है कि खालिस्तान समर्थक लोग दिल्ली पहुंच चुके हैं और ट्रेन को निशाना बनाया जा सकता है। धमकी की जानकारी सामने आने के बाद सुरक्षा एजेंसियां संभावित खतरे को देखते हुए अलग-अलग स्थानों पर जांच और सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा कर रही हैं।
ई-मेल में जिन छह स्थानों को निशाना बनाने की बात कही गई है, उनमें शामिल हैं:
फिलहाल सुरक्षा एजेंसियां धमकी की विश्वसनीयता, ई-मेल भेजने वाले की पहचान और संभावित खतरे से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही हैं। स्वतंत्रता दिवस से पहले सामने आए इस मामले के बाद राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा किया गया है।