CID की जांच के बीच JPSC चेयरमैन ने छोड़ी कुर्सी, जांच जारी

CID की जांच के बीच JPSC चेयरमैन ने छोड़ी कुर्सी, जांच जारी

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
Updated at : Jul 22, 2026, 10:05:00 AM

झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) में परीक्षा प्रक्रिया को लेकर उठे कथित अनियमितताओं के आरोपों के बीच मंगलवार देर रात बड़ा प्रशासनिक घटनाक्रम सामने आया। आयोग के अध्यक्ष एल. ख्यांगते ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उनका इस्तीफा ऐसे समय आया है, जब सीआईडी और रांची पुलिस की संयुक्त टीम आयोग से जुड़े मामलों की गहन जांच में जुटी हुई है। इसी जांच के क्रम में आयोग की असिस्टेंट एग्जामिनेशन कंट्रोलर श्वेता गुप्ता को भी पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है।

जांच का एक प्रमुख पहलू परीक्षा संचालन के लिए निजी एजेंसी TDPL के चयन से जुड़ा है। आरोप है कि आयोग ने परीक्षा आयोजित कराने की जिम्मेदारी ऐसी कंपनी को सौंपी, जिसे उत्तर प्रदेश सरकार पहले ही कथित परीक्षा अनियमितताओं के मामलों में ब्लैकलिस्ट कर चुकी थी। इसी कारण एजेंसी के चयन को लेकर लंबे समय से सवाल उठते रहे और विभिन्न स्तरों पर इसकी शिकायतें भी दर्ज कराई गई थीं।

इन शिकायतों के बाद राज्य सरकार ने मई 2026 में प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए श्वेता गुप्ता का तबादला खाद्य, सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले विभाग में कर दिया था। सरकार ने इसके साथ ही आयोग में अन्य अधिकारियों की तैनाती भी की, ताकि परीक्षा संबंधी कार्यों का संचालन नए अधिकारियों के माध्यम से किया जा सके।

हालांकि, सरकारी आदेश जारी होने के बावजूद आयोग ने श्वेता गुप्ता को कार्यमुक्त नहीं किया। इतना ही नहीं, जिन अधिकारियों की नई नियुक्ति की गई थी, उन्हें परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े महत्वपूर्ण दायित्व भी नहीं सौंपे गए। इस स्थिति ने आयोग की कार्यप्रणाली और प्रशासनिक निर्णयों को लेकर कई नए सवाल खड़े कर दिए।

सूत्रों के अनुसार, मामले की गंभीरता को देखते हुए कार्मिक, प्रशासनिक सुधार एवं राजभाषा विभाग ने आयोग को पत्र भेजकर श्वेता गुप्ता को तत्काल कार्यमुक्त करने का निर्देश भी दिया था। इसके बावजूद आदेश का पालन नहीं हुआ और वह आयोग में असिस्टेंट एग्जामिनेशन कंट्रोलर के रूप में कार्य करती रहीं। इसी घटनाक्रम के बाद आयोग के अध्यक्ष की भूमिका भी सवालों के घेरे में आ गई थी।

अब अध्यक्ष के इस्तीफे, श्वेता गुप्ता से पूछताछ और परीक्षा संचालन से जुड़ी एजेंसी की भूमिका की जांच के बाद पूरा मामला नए मोड़ पर पहुंच गया है। जांच एजेंसियां दस्तावेजों, डिजिटल रिकॉर्ड और संबंधित अधिकारियों से पूछताछ के आधार पर पूरे घटनाक्रम की परतें खोलने में जुटी हैं। आने वाले दिनों में जांच के आधार पर इस मामले में और भी महत्वपूर्ण तथ्य सामने आने की संभावना जताई जा रही है।