बिहार कैबिनेट में 27 एजेंडों पर मुहर; IB कार्यालय, कैशलेस इलाज और रोजगार योजनाओं को हरी झंडी

बिहार कैबिनेट में 27 एजेंडों पर मुहर; IB कार्यालय, कैशलेस इलाज और रोजगार योजनाओं को हरी झंडी

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
Updated at : May 27, 2026, 7:10:00 PM

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में बुधवार को मुख्य सचिवालय स्थित कैबिनेट हॉल में बिहार मंत्रिपरिषद की अहम बैठक आयोजित हुई। बैठक में कुल 27 प्रस्तावों को स्वीकृति दी गई। सरकार गठन के बाद से लगातार लिए जा रहे फैसलों की कड़ी में इस बार स्वास्थ्य, भूमि अधिग्रहण, रोजगार, सिंचाई, सुरक्षा और प्रशासनिक ढांचे से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।

बैठक में राज्य के वर्तमान और पूर्व विधायकों तथा उनके आश्रितों के लिए कैशलेस चिकित्सा सुविधा लागू करने का निर्णय लिया गया। इसके साथ ही अखिल भारतीय सेवा के अधिकारियों, सेवानिवृत्त अधिकारियों, राज्य सरकार के नियमित कर्मियों, पेंशनभोगियों और उनके परिजनों को भी यह सुविधा देने की मंजूरी दी गई।

मंत्रिपरिषद ने “बिहार रैयती भूमि क्रय नीति 2026” को भी स्वीकृति प्रदान की। नई नीति के अनुसार, शहरी क्षेत्रों में भूमि अधिग्रहण के लिए बाजार मूल्य या सर्किल रेट में जो अधिक होगा, उसका दोगुना भुगतान किया जाएगा। वहीं ग्रामीण इलाकों में यह राशि चार गुना तक निर्धारित की गई है। इसके अलावा भूमि मालिकों को 10 प्रतिशत अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि भी दी जाएगी। सरकार ने ऐसी खरीद पर स्टांप शुल्क और रजिस्ट्रेशन फीस से छूट देने का भी फैसला लिया है।

राज्य में खुफिया ढांचे को मजबूत करने की दिशा में भी निर्णय लिए गए। शेखपुरा में इंटेलिजेंस ब्यूरो कार्यालय निर्माण के लिए करीब 27.48 एकड़ जमीन केंद्र सरकार को हस्तांतरित करने की मंजूरी दी गई। वहीं गोपालगंज में आईबी कार्यालय और आवासीय परिसर निर्माण के लिए भूमि उपलब्ध कराने का प्रस्ताव भी पारित किया गया। इसके अतिरिक्त बेगूसराय में उपकारा निर्माण हेतु 21 एकड़ भूमि गृह विभाग को निशुल्क देने का निर्णय लिया गया।

खनन क्षेत्र में सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए बालू घाटों की बंदोबस्ती के लिए बिहार राज्य खनन निगम लिमिटेड को अधिकृत एजेंसी घोषित किया है। वहीं चिकित्सा शिक्षा से जुड़े मामलों में सीनियर रेजिडेंट और बिहार चिकित्सा शिक्षा सेवा भर्ती नियमावली 2026 को मंजूरी दी गई। पीएमसीएच के हड्डी रोग विभाग में स्वतंत्र स्पाइन सब-स्पेशलिटी यूनिट स्थापित करने के लिए 39 नए पदों के सृजन पर भी सहमति बनी।

कैबिनेट ने पटना हाईकोर्ट के न्यायाधीशों के उपयोग के लिए 10 नए वाहन खरीदने की मंजूरी दी, जिसके लिए लगभग 3.70 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए। साथ ही बिहार विशेष सर्वेक्षण एवं बंदोबस्त संशोधन नियमावली 2026 को भी हरी झंडी दी गई।

युवा रोजगार और कौशल विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से नवगठित “युवा रोजगार एवं कौशल विभाग” को कई नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। बिहार स्टेट काउंसिल फॉर वोकेशनल ट्रेनिंग और बिहार राज्य समुद्र पार नियोजन ब्यूरो को अब इस विभाग के अधीन लाया जाएगा। दिव्यांग युवाओं के प्रशिक्षण, रोजगार और स्वरोजगार योजनाओं के संचालन के लिए छह नए विशेष नियोजन निदेशालय बनाने तथा 57 पद सृजित करने का निर्णय लिया गया है। वहीं छात्र एवं युवा कल्याण निदेशालय के बेहतर संचालन के लिए 55 अतिरिक्त पदों को भी मंजूरी दी गई।

जल संसाधन और सिंचाई क्षेत्र से जुड़े फैसलों में पंचायतों को हस्तांतरित सरकारी नलकूपों के संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी फिर से लघु जल संसाधन विभाग को देने का प्रस्ताव पारित किया गया। साथ ही विश्व बैंक समर्थित बिहार जल सुरक्षा एवं सिंचाई आधुनिकीकरण परियोजना के तहत 102.98 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई। इस योजना के जरिए मधुबनी और सुपौल जिलों के लगभग 21,300 हेक्टेयर क्षेत्र को बाढ़ से सुरक्षा मिलने की उम्मीद है।

बैठक में वरीय पुलिस उपाधीक्षक (यातायात) अनिल कुमार के संविदा विस्तार को भी मंजूरी दी गई। उन्हें 31 मई 2026 से एक वर्ष के लिए सेवा विस्तार दिया जाएगा।

गौरतलब है कि सम्राट चौधरी सरकार हर बुधवार कैबिनेट बैठक आयोजित कर रही है। पिछली बैठक में गया अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से बैंकॉक के लिए सीधी उड़ान सेवा शुरू करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई थी, जिसे पर्यटन और अंतरराष्ट्रीय संपर्क बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना गया था।