रांची के चर्चित बड़गाईं 8.86 एकड़ कथित जमीन फर्जीवाड़ा मामले में मंगलवार को एक और आरोपी के खिलाफ न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ी। पीएमएलए की विशेष अदालत ने आर्किटेक्ट विनोद कुमार सिंह के खिलाफ आरोप तय कर दिया। अदालत में आरोपों को पढ़कर सुनाए जाने के बाद विनोद कुमार सिंह ने उन्हें स्वीकार करने से इनकार कर दिया।
इस मामले में अब तक पूर्व में 14 आरोपियों के खिलाफ आरोप गठन किया जा चुका है। विनोद कुमार सिंह पर आरोप तय होने के साथ ही मामले में आरोप गठन की प्रक्रिया लगभग पूरी होने की ओर है। अब दो आरोपियों के खिलाफ आरोप तय किया जाना बाकी है।
मामले में राजस्वकर्मी भानु प्रताप प्रसाद, जेएमएम नेता अंतू तिर्की, बिजेंद्र सिंह, बिपिन सिंह, प्रियरंजन सहाय, मनोज कुमार यादव, कुमार राजश्री, राजकुमार पाहन, संजीत कुमार, विनोद कुमार सिंह, शेखर कुशवाहा, तापस घोष, मोहम्मद इरशाद अख्तर, अफसर अली, मोहम्मद सद्दाम हुसैन और मोहम्मद इरशाद समेत कई लोगों को आरोपी बनाया गया है।
कथित जमीन फर्जीवाड़े की जांच के दौरान प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कई चरणों में कार्रवाई की थी। एजेंसी ने मामले से जुड़े लोगों और जमीन कारोबारियों के ठिकानों पर छापेमारी कर दस्तावेज और अन्य सामग्री की जांच की थी। कार्रवाई के दायरे में जेएमएम नेता अंतू तिर्की और आर्किटेक्ट विनोद कुमार सिंह समेत अन्य लोग भी शामिल थे।
जांच पूरी करने के बाद ईडी ने कथित जमीन घोटाले से जुड़े आरोपों को लेकर पीएमएलए की विशेष अदालत में चार्जशीट दाखिल की थी। अब अदालत में आरोप गठन की प्रक्रिया के बाद मामले की न्यायिक सुनवाई आगे बढ़ने का रास्ता साफ हो रहा है।