JSSC-CGL पर सरकार के फैसले से ASO परेशान, नौकरी बचाने के लिए संघ ने कसी कमर

JSSC-CGL पर सरकार के फैसले से ASO परेशान, नौकरी बचाने के लिए संघ ने कसी कमर

झारखंड में JSSC-CGL परीक्षा को रद्द करने के सरकार के निर्णय के बाद नवनियुक्त सहायक प्रशाखा पदाधिकारियों (ASO) की सेवा को लेकर अनिश्चितता बढ़ गई है। परीक्षा के आधार पर नियुक्त इन पदाधिकारियों के सामने अब नौकरी बचाने की चुनौती खड़ी हो गई है। वर्तमान में ये कर्मचारी सचिवालय सहित राज्य सरकार के अलग-अलग विभागों में जिम्मेदारियां संभाल रहे हैं।

सेवा सुरक्षा के इस मुद्दे पर झारखंड सचिवालय सेवा संघ सक्रिय हो गया है। संघ की कोर कमेटी की बैठक मंगलवार को हटिया स्थित पशुपालन भवन में प्रस्तावित है। बैठक में नवनियुक्त ASO की नियुक्ति और सेवा की निरंतरता से जुड़े कानूनी, प्रशासनिक और व्यावहारिक पहलुओं पर चर्चा की जाएगी।

संघ का कहना है कि चयन प्रक्रिया में यदि किसी स्तर पर अनियमितता हुई है, तो उसकी जिम्मेदारी तय कर संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। लेकिन पूरी चयन प्रक्रिया में शामिल सभी अभ्यर्थियों को एक ही नजर से देखना उचित नहीं होगा। संघ के प्रतिनिधियों के मुताबिक, जिन अभ्यर्थियों ने अपनी योग्यता के आधार पर परीक्षा पास की और नियुक्ति के बाद अपने दायित्वों का निर्वहन कर रहे हैं, उनके रोजगार और भविष्य को सुरक्षित रखना जरूरी है।

सरकार के सामने रखा जाएगा पक्ष

कोर कमेटी की बैठक में संघ आगे की कार्रवाई की रणनीति पर भी निर्णय ले सकता है। संगठन सरकार के समक्ष नवनियुक्त पदाधिकारियों का पक्ष मजबूती से रखने की तैयारी कर रहा है। संघ का जोर इस बात पर रहेगा कि दोषियों के खिलाफ कार्रवाई हो, लेकिन जिन कर्मचारियों की नियुक्ति में उनकी कोई भूमिका नहीं रही और जिन्होंने निष्पक्ष तरीके से परीक्षा पास की, उनके करियर पर इसका प्रतिकूल असर न पड़े।

ASO भी अपनी सेवा को लेकर सरकार तक अपनी बात पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं। JSSC-CGL परीक्षा रद्द होने की संभावनाओं के बीच सोमवार शाम नवनियुक्त सहायक प्रशाखा पदाधिकारियों ने प्रोजेक्ट भवन के बाहर शांतिपूर्ण मानव श्रृंखला बनाकर विरोध दर्ज कराया था।

इन पदाधिकारियों का कहना है कि नियुक्ति के बाद वे सचिवालय और विभिन्न सरकारी कार्यालयों में नियमित रूप से काम कर रहे हैं। ऐसे में परीक्षा से जुड़ी किसी कथित गड़बड़ी का खामियाजा उन अभ्यर्थियों को नहीं भुगतना चाहिए, जिन्होंने अपनी मेहनत और योग्यता के आधार पर सफलता हासिल की है।

अब सबकी नजर मंगलवार को होने वाली सचिवालय सेवा संघ की कोर कमेटी की बैठक पर है। बैठक में लिए जाने वाले फैसले से यह स्पष्ट हो सकता है कि नवनियुक्त ASO की सेवा सुरक्षा को लेकर संघ सरकार के सामने किस तरह का पक्ष रखेगा और आगे की रणनीति क्या होगी।