रांची में सात वर्षीय बच्ची के साथ दुष्कर्म और हत्या के करीब छह साल पुराने मामले में अदालत ने दोषी को मृत्युदंड की सजा सुनाई है। पोक्सो के विशेष न्यायाधीश बीरेंद्र कुमार श्रीवास्तव की अदालत ने नेसार अंसारी को इस जघन्य अपराध का दोषी पाते हुए फांसी की सजा दी। अदालत ने 10 अगस्त को ही नेसार को दोषी करार दिया था।
घटना वर्ष 2020 में रातू थाना क्षेत्र में हुई थी। अभियोजन पक्ष के मुताबिक, नेसार अंसारी ने सात साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म करने के बाद उसकी हत्या कर दी थी। अपराध के बाद पहचान और साक्ष्य छिपाने के उद्देश्य से आरोपी ने बच्ची के शव को एक बोरे में रखा और पास के खेत में फेंक दिया।
खेत में बोरे से बच्ची का शव बरामद होने की खबर फैलते ही इलाके में तनाव का माहौल बन गया था। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने स्थानीय लोगों को समझाकर स्थिति को नियंत्रित किया। मासूम के साथ हुई इस दरिंदगी ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया था।
बच्ची की मौत से आहत तत्कालीन ग्रामीण एसपी और उस समय के डीआईजी नौशाद आलम भी उसके अंतिम संस्कार में शामिल हुए थे। उन्होंने मासूम के जनाजे को कंधा देकर परिवार और स्थानीय लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त की थी।
मामले की न्यायिक प्रक्रिया के दौरान अभियोजन पक्ष ने अदालत में उपलब्ध साक्ष्यों और अपनी दलीलों के जरिए आरोपी के खिलाफ मामला मजबूती से रखा। इन्हीं साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने पहले नेसार अंसारी को दोषी ठहराया और अब उसे फांसी की सजा सुनाई है। छह वर्ष पुराने इस मामले में आए फैसले को मासूम के लिए न्याय की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।