भोले के भक्तों का रेला... सावन के पहले दिन रांची के मंदिरों में उमड़ा जनसैलाब

भोले के भक्तों का रेला... सावन के पहले दिन रांची के मंदिरों में उमड़ा जनसैलाब

सावन मास के शुभारंभ के साथ ही राजधानी रांची में भक्ति और आस्था का माहौल पूरी तरह छा गया। भगवान शिव की आराधना के लिए समर्पित इस पवित्र महीने के पहले दिन शहर के प्रमुख शिवालयों में तड़के से ही श्रद्धालुओं का तांता लग गया। ऐतिहासिक पहाड़ी मंदिर, सुरेश्वर महादेव मंदिर सहित विभिन्न मंदिरों में हर-हर महादेव और बोल बम के जयघोष के बीच हजारों भक्तों ने जलाभिषेक कर भगवान भोलेनाथ का आशीर्वाद प्राप्त किया। श्रद्धालु गंगाजल, बेलपत्र, धतूरा और अन्य पूजन सामग्री के साथ मंदिर पहुंचे और पूरे श्रद्धाभाव से पूजा-अर्चना की।

श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए इस वर्ष पहाड़ी मंदिर में व्यवस्थाओं को पहले से अधिक व्यवस्थित बनाया गया है। मंदिर तक पहुंचने वाली सीढ़ियों का जीर्णोद्धार कराया गया है, जबकि आवाजाही को सुगम बनाने के लिए नए पेवर ब्लॉक मार्ग तैयार किए गए हैं। भीड़ नियंत्रण के उद्देश्य से चढ़ने और उतरने के रास्ते अलग-अलग निर्धारित किए गए हैं। इसके अलावा महिलाओं और पुरुषों के लिए अलग प्रवेश एवं निकास की व्यवस्था भी लागू की गई है, जिससे दर्शन प्रक्रिया अधिक सुचारु रही।

मंदिर समिति ने इस बार जलाभिषेक को सरल और व्यवस्थित बनाने के लिए अरघा सिस्टम तैयार किया है, जिसे पहली सोमवारी से पूरी तरह लागू किया जाएगा। इस व्यवस्था के जरिए श्रद्धालु बिना अधिक भीड़भाड़ के आसानी से भगवान शिव को जल अर्पित कर सकेंगे। वहीं पहाड़ी मंदिर और सुरेश्वर महादेव मंदिर परिसर में भक्तों के लिए नि:शुल्क दूध, जल और बेलपत्र उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

श्रावणी मेले और सावन के दौरान सुरक्षा को लेकर जिला प्रशासन ने भी व्यापक इंतजाम किए हैं। मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में करीब 60 सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से लगातार निगरानी की जा रही है। इसके साथ ही बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी, दंडाधिकारी और स्वयंसेवकों की तैनाती की गई है ताकि दर्शन और पूजा के दौरान किसी प्रकार की अव्यवस्था उत्पन्न न हो।

धार्मिक परंपरा के अनुसार सुबह 3:30 बजे विशेष सरकारी पूजा संपन्न हुई, जिसके बाद सुबह 4 बजे मंदिर के कपाट आम श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। दर्शन और जलाभिषेक का समय सुबह 4:30 बजे से दोपहर 1 बजे तक तथा दोपहर 2 बजे से रात 9 बजे तक निर्धारित किया गया है।

इस बार रांची नगर निगम द्वारा मंदिर परिसर के आसपास किए गए अतिक्रमण हटाने का भी सकारात्मक असर दिखाई दे रहा है। मंदिर क्षेत्र पहले की अपेक्षा अधिक खुला और व्यवस्थित नजर आ रहा है, जिससे श्रद्धालुओं की आवाजाही आसान हुई है और भीड़ प्रबंधन में भी सुविधा मिल रही है।

प्रशासन की नजर अब विशेष रूप से 3 अगस्त को पड़ने वाली सावन की पहली सोमवारी पर है। उस दिन लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए अतिरिक्त सुरक्षा, यातायात प्रबंधन और भीड़ नियंत्रण की विशेष योजना तैयार की जा रही है।

मंदिर पहुंचे श्रद्धालुओं ने व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए इसे पिछले वर्षों की तुलना में बेहतर बताया। श्रद्धालु रंजन मिश्रा ने कहा कि सावन के पहले दिन भगवान शिव के दर्शन का विशेष महत्व होता है और इस बार प्रशासन की तैयारियों से दर्शन करना काफी सहज रहा। राजेश द्विवेदी ने बताया कि अलग प्रवेश-निकास और अरघा सिस्टम जैसी व्यवस्थाओं से बिना किसी कठिनाई के जलाभिषेक करने का अवसर मिला।

वहीं विकास मंडल ने कहा कि वह हर वर्ष सावन में पहाड़ी मंदिर आते हैं और इस बार सुरक्षा तथा भीड़ प्रबंधन पहले से अधिक प्रभावी दिखाई दिया। उन्होंने भगवान भोलेनाथ से सभी के सुख, शांति और समृद्धि की कामना की।

मंदिर के पुजारी सुबोध पांडे ने बताया कि सावन को लेकर सभी आवश्यक तैयारियां समय रहते पूरी कर ली गई हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए अलग प्रवेश-निकास, अरघा सिस्टम और नि:शुल्क पूजन सामग्री की व्यवस्था की गई है। उन्होंने विश्वास जताया कि पहली सोमवारी से रांची के पहाड़ी मंदिर सहित विभिन्न शिवालयों में श्रद्धालुओं की संख्या कई गुना बढ़ जाएगी और पूरे सावन माह में भक्ति का यही उत्साह बना रहेगा।