BREAKING : 8 घंटे की पूछताछ के बाद पूर्व अध्यक्ष एल. ख्यांगते का पासपोर्ट जब्त

BREAKING : 8 घंटे की पूछताछ के बाद पूर्व अध्यक्ष एल. ख्यांगते का पासपोर्ट जब्त

झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) की भर्ती प्रक्रियाओं में कथित अनियमितताओं की जांच अब और अधिक गंभीर चरण में पहुंच गई है। आपराधिक अनुसंधान विभाग (सीआईडी) ने आयोग के पूर्व अध्यक्ष एल. ख्यांगते से लंबी पूछताछ करते हुए मामले के विभिन्न पहलुओं की गहन पड़ताल शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, उनसे लगातार आठ घंटे से अधिक समय तक सवाल-जवाब किए गए और जांच अभी भी आगे बढ़ रही है।

जांच के दौरान सीआईडी ने एहतियातन एल. ख्यांगते का पासपोर्ट अपने कब्जे में ले लिया है। एजेंसी का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जांच पूरी होने से पहले वह बिना अनुमति विदेश यात्रा न कर सकें। अधिकारियों के मुताबिक, जांच का दायरा केवल भर्ती प्रक्रिया तक सीमित नहीं है, बल्कि उनके कार्यकाल के दौरान हुई विदेश यात्राओं को भी विस्तार से खंगाला जा रहा है।

सीआईडी उन सभी विदेशी दौरों का रिकॉर्ड जुटा रही है, जो उन्होंने जेपीएससी अध्यक्ष रहते हुए किए थे। जांच एजेंसी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इन यात्राओं का उद्देश्य क्या था, इन पर होने वाला खर्च किस स्रोत से वहन किया गया और क्या इनका किसी संदिग्ध वित्तीय लेन-देन या भर्ती से जुड़े कथित अनियमित मामलों से कोई संबंध था।

सूत्रों के अनुसार, पूछताछ के दौरान पूर्व अध्यक्ष से भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों, उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन की प्रक्रिया और मेरिट सूची तैयार करने में संभावित हेरफेर को लेकर विस्तृत सवाल किए जा रहे हैं। साथ ही, अब तक जिन अधिकारियों और कथित बिचौलियों के बयान दर्ज किए गए हैं, उनका मिलान भी एल. ख्यांगते के जवाबों से किया जा रहा है, ताकि तथ्यों की पुष्टि की जा सके।

सीआईडी की इस कार्रवाई के बाद प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। जांच एजेंसी का कहना है कि दस्तावेजों के सत्यापन और पूछताछ की प्रक्रिया पूरी होने के बाद मामले में नए तथ्य सामने आ सकते हैं। फिलहाल जांच जारी है और एजेंसी उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है।