पर्यटन, उद्योग, आईटी में झारखंड की अपार संभावनाओं को नई दिशा देने वाला प्रयास है नेशनल स्टेकहोल्डर्स कंसल्टेशन

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Sujeet Kumar
Updated at : Jul 09, 2026, 8:27:00 PM

नई दिल्ली में झारखंड सरकार द्वारा आयोजित नेशनल स्टेकहोल्डर्स कंसल्टेशन राज्य के भविष्य की विकास यात्रा को नई दिशा देने वाली एक महत्वपूर्ण और दूरदर्शी पहल है। पर्यटन, उद्योग और आईटी सेक्टर जैसे भविष्य के विकास के प्रमुख क्षेत्रों पर विशेषज्ञों, उद्योग जगत, निवेशकों और नीति-निर्माताओं के साथ व्यापक संवाद का आयोजन निश्चित रूप से स्वागतयोग्य है। यह बातें झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष राजेश ठाकुर ने एक बयान जारी करते हुए कही।

उन्होंने कहा कि मैं इस महत्वपूर्ण पहल के लिए मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन जी एवं झारखंड सरकार को बधाई देता हूँ। किसी भी राज्य का समग्र विकास केवल प्राकृतिक संसाधनों पर निर्भर नहीं करता, बल्कि दूरदर्शी नीतियों, निवेश, आधुनिक तकनीक, नवाचार और कुशल मानव संसाधन के समन्वय से संभव होता है। यह पहल उसी सोच का परिचायक है। झारखंड प्राकृतिक सौंदर्य, जलप्रपातों, पहाड़ों, जंगलों, धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत तथा समृद्ध आदिवासी संस्कृति से संपन्न राज्य है। यदि पर्यटन के लिए आधुनिक आधारभूत संरचना विकसित की जाए, स्थानीय समुदायों को इससे जोड़ा जाए और राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रभावी ब्रांडिंग की जाए, तो झारखंड देश के प्रमुख पर्यटन स्थलों में अपनी अलग पहचान बना सकता है।

औद्योगिक क्षेत्र में भी झारखंड की मजबूत आधारशिला है। राज्य खनिज संपदा, ऊर्जा संसाधनों और औद्योगिक क्षमता से समृद्ध है। अब आवश्यकता है कि पारंपरिक उद्योगों के साथ-साथ हरित उद्योग, मूल्य संवर्धन आधारित विनिर्माण, एमएसएमई और स्टार्टअप इकोसिस्टम को भी समान रूप से बढ़ावा दिया जाए, ताकि स्थानीय युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर गुणवत्तापूर्ण रोजगार के अवसर सृजित हो सकें।

राजेश ठाकुर ने कहा कि आज के दौर में आईटी और डिजिटल अर्थव्यवस्था किसी भी राज्य की प्रगति का प्रमुख आधार बन चुकी है। झारखंड में आईटी पार्क, डेटा सेंटर, स्टार्टअप इनक्यूबेशन सेंटर, बीपीओ, फिनटेक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल सेवा उद्योगों के विकास की अपार संभावनाएँ हैं। यदि सरकार इस दिशा में मजबूत नीतिगत समर्थन, विश्वस्तरीय डिजिटल अवसंरचना और कौशल विकास कार्यक्रमों को प्राथमिकता दे, तो झारखंड पूर्वी भारत का एक प्रमुख आईटी और इनोवेशन हब बन सकता है। इससे बड़ी संख्या में युवाओं को राज्य में ही सम्मानजनक रोजगार और उद्यमिता के अवसर उपलब्ध होंगे।

इस प्रकार के स्टेकहोल्डर्स कंसल्टेशन तभी पूरी तरह सफल माने जाएंगे, जब इनमें प्राप्त सुझावों को समयबद्ध कार्ययोजना और प्रभावी क्रियान्वयन के माध्यम से धरातल पर उतारा जाए। सरकार, उद्योग जगत, विशेषज्ञों और स्थानीय समुदायों के बीच मजबूत साझेदारी ही झारखंड को निवेश, पर्यटन, उद्योग और तकनीकी नवाचार का अग्रणी राज्य बना सकती है।