पलामू: झारखंड के पलामू जिले से हैरान करने वाली खबर है। यहां एक शहीद की मां का दर्द सामने उभर कर आया है। दरअसल यहां एक शहीद आरक्षी की मां को उसकी बहू छोडकर चली गयी है। बताया जा रहा है कि घर को छोडने के बाद बहू ने शहीद की मां यानि अपनी सास से कोई संपर्क नहीं किया है। अब शहीद की मां उम्मीद भरी नजरों से देख रही है।
मिली खबर के अनुसार हैदर नगर थाना क्षेत्र के गांव बरेवा निवासी आरक्षी संतन मेहता पलामू जिले के मनातू केदल जंगल में नक्सली मुठभेड़ में शहीद हो गये थे। उनके शहीद होने के बाद उनकी पत्नी सरिता देवी ने सरकार द्वारा शहीद के सम्मान में दी गयी सुविधाओं को हासिल कर लिया। इधर शहीद की मां का कहना है कि पिछले एक साल से उनकी बहू से न तो उनसे मिलने आयी है और न हीं उसने किसी भी प्रकार का संपर्क किया है।
उनका यह भी कहना है कि जब उनके बेटे की पहली पुण्यतिथि थी, तब भी उनकी बहू घर नहीं आयी। मीडिया से अपना दर्द शेयर करते हुए उनका कहना था कि एक साल से न तो उनसे हो रही है, न ही वह मिलने आई है। मेरा बेटा संतन चला गया। उनकी बहू पैसे और नौकरी ले ली और मुझे अकेला छोड दी। शहीद की मां ने यह गुहार लगायी कि सरकार उनको पैसे दे। वह अपने शहीद बेटे की संतान को भी अपने साथ रखना चाहती है।
इस पूरे मामले को कवर करने गये मीडिया ने जब इस पूरे मसले पर शहीद की पत्नी से बात करने की कोशिश की तो उन्होंने कॉल ही रिसीव नहीं किया। इधर स्थानीय ग्रामीणों का रोष में कहना था कि जब शहीद की पत्नी को अपने ही घर से मतलब नहीं है तो फिर उन्होंने नौकरी और पैसा क्यों लिए। इस पूरी घटना को लेकर स्थानीय लोगों में आक्रोश है।
पलामू से विकास कश्यप की रिपोर्ट