पलामू : नेचर लवर्स के लिए खुशखबरी! मलय डैम को मिलेगा नया पर्यटन स्वरूप

पलामू : नेचर लवर्स के लिए खुशखबरी! मलय डैम को मिलेगा नया पर्यटन स्वरूप

पलामू जिले के सतबरवा क्षेत्र में स्थित प्राकृतिक सौंदर्य से घिरे मलय डैम को पर्यटन मानचित्र पर प्रमुख स्थान दिलाने की दिशा में जिला प्रशासन ने प्रयास तेज कर दिए हैं। इसी सिलसिले में गुरुवार को जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त दिलीप प्रताप सिंह शेखावत ने डैम परिसर का दौरा कर वहां उपलब्ध पर्यटन सुविधाओं और विकास की संभावनाओं का विस्तृत निरीक्षण किया।

दौरे के दौरान उपायुक्त ने डैम में नौकायन (बोटिंग) कर आसपास के प्राकृतिक परिवेश का अवलोकन किया। निरीक्षण के बाद उन्होंने संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक कर इस क्षेत्र को अधिक आकर्षक, सुविधायुक्त और पर्यटक-अनुकूल बनाने के उपायों पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि पलामू प्राकृतिक संसाधनों और मनोहारी स्थलों से समृद्ध है तथा मलय डैम में पर्यटन के व्यापक अवसर मौजूद हैं।

उपायुक्त ने बताया कि वर्तमान में यहां बोटिंग की सुविधा संचालित है, लेकिन रखरखाव और समय पर मरम्मत नहीं होने के कारण कुछ नौकाएं उपयोग से बाहर हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी खराब बोटों की शीघ्र मरम्मत कर उन्हें दोबारा संचालन में लाया जाए, ताकि आने वाले पर्यटकों को बेहतर अनुभव मिल सके और पर्यटन गतिविधियों को गति दी जा सके।

उन्होंने यह भी कहा कि पर्यटन और मत्स्य पालन को एकीकृत विकास मॉडल के रूप में आगे बढ़ाया जा सकता है। इससे न केवल क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि स्थानीय युवाओं और ग्रामीणों के लिए रोजगार एवं आय के नए अवसर भी उपलब्ध होंगे।

जिला प्रशासन की योजना मलय डैम को प्राकृतिक पर्यटन, बोटिंग, मत्स्य पालन और मनोरंजन गतिविधियों के संयुक्त केंद्र के रूप में विकसित करने की है। शांत वातावरण, हरियाली से आच्छादित पहाड़ियां और विस्तृत जलाशय इस स्थल को विशेष आकर्षण प्रदान करते हैं। प्रशासन का मानना है कि आवश्यक आधारभूत सुविधाओं के विकास और सुव्यवस्थित पर्यटन प्रबंधन के माध्यम से मलय डैम भविष्य में पलामू की प्रमुख पर्यटन पहचान बन सकता है।

इसी उद्देश्य से प्रशासन द्वारा एक विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जा रही है, जिसके तहत पर्यटकों के लिए सुविधाओं का विस्तार, नौकायन व्यवस्था का सुदृढ़ीकरण और स्थानीय सहभागिता को बढ़ावा देने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

पलामू से विकाश कश्यप की रिपोर्ट