पलामू में सिंचाई व्यवस्था पर फोकस, डीसी ने मौके पर पहुंचकर लिया जायजा

पलामू में सिंचाई व्यवस्था पर फोकस, डीसी ने मौके पर पहुंचकर लिया जायजा

पलामू जिले में किसानों को बेहतर सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने मलय डैम और उससे जुड़ी सिंचाई व्यवस्था को लेकर सक्रियता बढ़ा दी है। गुरुवार को उपायुक्त दिलीप प्रताप सिंह शेखावत ने सतबरवा स्थित मलय डैम और उससे संबद्ध सिंचाई नहर का स्थल निरीक्षण कर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने नहर के क्षतिग्रस्त हिस्से का जायजा लिया और मरम्मत कार्य की प्रगति की समीक्षा की।

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने उपायुक्त को बताया कि फिलहाल नहर में पानी का प्रवाह बनाए रखने के लिए क्षतिग्रस्त स्थान पर दो पाइप लगाकर अस्थायी व्यवस्था की गई है। उपायुक्त ने इस व्यवस्था का निरीक्षण करते हुए स्पष्ट निर्देश दिया कि जब तक स्थायी मरम्मत पूरी नहीं हो जाती, तब तक किसानों को सिंचाई में किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए और जल आपूर्ति लगातार जारी रखी जाए।

स्थायी समाधान को प्राथमिकता देते हुए उपायुक्त ने जल पथ प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता को निर्देश दिया कि नहर की मरम्मत के लिए आवश्यक निविदा (टेंडर) सोमवार तक हर हाल में प्रकाशित की जाए, ताकि निर्माण कार्य बिना विलंब शुरू हो सके। उन्होंने कहा कि प्रशासन इस परियोजना को समयबद्ध तरीके से पूरा कराने के लिए प्रतिबद्ध है।

दौरे के दौरान उपायुक्त ने मलय डैम के एस्केप यूनिट और डैम के मैकेनिकल सिस्टम का भी निरीक्षण किया। उन्होंने गेट संचालन की प्रक्रिया और तकनीकी व्यवस्था की जानकारी ली। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि ग्रामीणों की मांग और आवश्यकता के अनुसार 3, 4 और 5 इंच तक गेट खोलकर जल प्रवाह को नियंत्रित किया जाता है।

इसके अलावा उपायुक्त ने डैम के मौजूदा जलस्तर और उपलब्ध जल भंडारण की भी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि उपलब्ध पानी का वैज्ञानिक और संतुलित उपयोग सुनिश्चित किया जाए, ताकि अधिक से अधिक किसानों को सिंचाई का लाभ मिल सके।

उपायुक्त ने कहा कि पलामू एक कृषि प्रधान जिला है और यहां की खेती काफी हद तक सिंचाई संसाधनों पर निर्भर करती है। इसलिए सिंचाई परियोजनाओं का प्रभावी संचालन और समय पर रखरखाव प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने संबंधित विभाग को चेतावनी दी कि नहर की मरम्मत और अन्य आवश्यक कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी तथा सभी कार्य निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरे किए जाएं।

निरीक्षण के दौरान सहायक समाहर्ता, जल पथ प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता, विभागीय अभियंता और अन्य संबंधित अधिकारी भी मौजूद रहे।

पलामू से विकाश कश्यप की रिपोर्ट