दिव्यांग परिवार की बदली तस्वीर: जेएसएलपीएस ने बैकयार्ड पोल्ट्री से जोड़ा, आत्मनिर्भरता की ओर बढ़े कदम

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Sujeet Kumar
Updated at : Jul 07, 2026, 9:44:00 PM

पलामू उपायुक्त के निर्देशानुसार झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी (जेएसएलपीएस) द्वारा जिले में दिव्यांग एवं जरूरतमंद परिवारों को सतत आजीविका से जोड़ने का अभियान निरंतर जारी है। इसी कड़ी में चैनपुर प्रखंड के एक दिव्यांग परिवार को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए जेएसएलपीएस की जिला परियोजना प्रबंधक (डीपीएम) अनीता केरकेट्टा के नेतृत्व में बैकयार्ड पोल्ट्री इकाई उपलब्ध कराई गई।

कार्यक्रम के तहत परिवार को बैकयार्ड पोल्ट्री के लिए मुर्गी शेड उपलब्ध कराया गया तथा देशी नस्ल की मुर्गियां दी गईं। इस पहल से परिवार अब अंडा उत्पादन कर नियमित आय अर्जित कर सकेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि बैकयार्ड पोल्ट्री ग्रामीण क्षेत्रों में कम लागत में बेहतर आय का माध्यम है। इससे परिवार की पोषण संबंधी आवश्यकताओं की भी पूर्ति होगी तथा अतिरिक्त अंडों की बिक्री से आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। परिवार की तत्काल जरूरतों को देखते हुए जेएसएलपीएस द्वारा ग्रॉसरी (किराना) सामग्री भी उपलब्ध कराई गई, जिससे उन्हें प्रारंभिक आर्थिक सहारा मिल सके। अधिकारियों ने बताया कि संस्था का उद्देश्य केवल सहायता उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि लाभुकों को दीर्घकालिक एवं सम्मानजनक आजीविका से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है।

डीपीएम अनीता केरकेट्टा ने कहा कि दिव्यांग परिवारों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ना तथा उन्हें आय के स्थायी स्रोत उपलब्ध कराना जेएसएलपीएस की प्राथमिकता है। आने वाले समय में भी ऐसे परिवारों की पहचान कर उन्हें विभिन्न आजीविका गतिविधियों से जोड़ा जाएगा। इस पहल को सफल बनाने में प्रखंड परियोजना प्रबंधक (बीपीएम) वैभव कांत आदर्श, राजीव भारद्वाज, BPO,जिला प्रबंधक (सामाजिक विकास) प्रवीण सिंह तथा जिला प्रबंधक (जीविकोपार्जन) अवकेश खलको, आशुतोष तिवारी एवं पिंटू कुमार गुप्ता की सक्रिय एवं महत्वपूर्ण भूमिका रही। टीम ने लाभुक परिवार को आजीविका गतिविधि के संचालन, मुर्गियों के रखरखाव तथा भविष्य में आय बढ़ाने के संबंध में आवश्यक मार्गदर्शन भी दिया।

स्थानीय ग्रामीणों ने जेएसएलपीएस की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि यदि इसी प्रकार दिव्यांग एवं आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को सरकारी योजनाओं से जोड़ा जाता रहा तो ग्रामीण क्षेत्रों में आत्मनिर्भरता को नई गति मिलेगी। यह पहल न केवल एक परिवार के जीवन में बदलाव का माध्यम बनेगी, बल्कि अन्य जरूरतमंद परिवारों के लिए भी प्रेरणास्रोत सिद्ध होगी।

पलामू से विकास कश्यप की रिपोर्ट