शांति की कामना लेकर दंड देते निकले दलाबड़ के प्रसेनजीत, जगह-जगह हुआ स्वागत

आस्था और मानवता की अनोखी मिसाल पेश करते हुए नाला प्रखंड के दलाबड़ गांव निवासी 30 वर्षीय शिवभक्त प्रसेनजीत बाद्यकर इन दिनों साष्टांग दंडी यात्रा पर हैं।

आस्था और मानवता की अनोखी मिसाल पेश करते हुए नाला प्रखंड के दलाबड़ गांव निवासी 30 वर्षीय शिवभक्त प्रसेनजीत बाद्यकर इन दिनों साष्टांग दंडी यात्रा पर हैं। पश्चिम बंगाल-झारखंड सीमा स्थित महेशमुंडा के रुनाकूड़ाघाट से शुरू हुई उनकी यह यात्रा शनिवार को दूसरे दिन नाला पहुंची।

मंजिल बाबा देवलेश्वर धाम, उद्देश्य मानव कल्याण

प्रसेनजीत कुलडंगाल स्थित बाबा देवलेश्वर धाम में जलाभिषेक के लिए दंड देते हुए बढ़ रहे हैं। शनिवार दोपहर वह दलाबड़ मोड़ होते हुए नाला बाजार पहुंचे। नाला के बजरंगबली चौक पर श्रद्धालुओं ने 'हर हर महादेव' और 'बोल बम' के जयकारों के साथ उनका भव्य स्वागत किया।

ये यात्रा किसी एक के लिए नहीं

प्रसेनजीत ने कहा कि मैं किसी निजी स्वार्थ के लिए नहीं, बल्कि पूरे विश्व में सुख-शांति और अमन-चैन के लिए बाबा से प्रार्थना करने जा रहा हूं। शरीर थक जाता है, पर बाबा का नाम लेते ही नई ऊर्जा मिल जाती है।

ग्रामीणों ने किया सत्कार

रास्ते भर शिवभक्तों में खासा उत्साह देखा गया। नाला में महिलाओं ने उन्हें शरबत और फल खिलाए। बुजुर्गों ने दंड प्रणाम कर आशीर्वाद दिया।प्रसेनजीत ने बताया कि शनिवार रात वह नाला में विश्राम करेंगे और रविवार सुबह सियारकेटिया होते हुए देवलेश्वर धाम के लिए प्रस्थान करेंगे। महेशमुंडा से देवलेश्वर तक इस दंडी यात्रा की कुल दूरी करीब 20 किलोमीटर है।युवा शिवभक्त के इस समर्पण को देखकर पूरा क्षेत्र गौरवान्वित है।

जामताड़ा से संतोष कुमार की रिपोर्ट