योनो एप के नाम पर करते थे ठगी, साइबर पुलिस ने कसा शिकंजा

साइबर अपराध की राजधानी कहे जाने वाले झारखंड के जामताड़ा में पुलिस की सख्ती के बावजूद साइबर ठग बाज नहीं आ रहे हैं। ताजा मामले में साइबर थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है।

साइबर अपराध की राजधानी कहे जाने वाले झारखंड के जामताड़ा में पुलिस की सख्ती के बावजूद साइबर ठग बाज नहीं आ रहे हैं। ताजा मामले में साइबर थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पलास जंगल से चार साइबर अपराधियों को धर दबोचा है। गुप्त सूचना के आधार पर एसपी शंभु कुमार सिंह के निर्देश पर साइबर थाना प्रभारी इंस्पेक्टर राजेश मंडल के नेतृत्व में टीम ने करमाटांड़ थाना क्षेत्र के पलास जंगल में छापेमारी की।

मिली खबर के अनुसार पुलिस ने मौके से फारूक अंसारी (25), समसुद्दीन अंसारी (30), जानी बाबू (22) और कलीम अंसारी (24) को गिरफ्तार किया है। फारूक जामताड़ा थाना क्षेत्र का रहने वाला है, जबकि तीनों अन्य आरोपी करमाटांड़ थाना क्षेत्र के विभिन्न गांवों के निवासी हैं। इनके पास से आठ मोबाइल फोन, 10 सिम कार्ड और एक मोटरसाइकिल बरामद की गई है।

इस संबंध में एसडीपीओ जामताड़ा वसीम रजा ने प्रेस वार्ता कर बताया कि यह गिरोह लोगों को योनो ऐप एक्टिवेट करने और बैंकिंग सुविधा देने के नाम पर कॉल करता था। भोले-भाले लोगों को झांसे में लेकर व्हाट्सऐप और स्क्रीन शेयरिंग ऐप डाउनलोड करवाते थे। एक बार स्क्रीन शेयरिंग ऑन होते ही मोबाइल का पूरा नियंत्रण इनके हाथ में आ जाता था। आरोपी इसी दौरान बैंकिंग की गोपनीय जानकारी, योनो की यूजर आईडी-पासवर्ड और ओटीपी हासिल कर नेट बैंकिंग के जरिए खातों से रकम उड़ा लेते थे। 

प्रारंभिक जांच में पता चला है कि इन तस्करों के तार देश के कई राज्यों में फैले साइबर ठगी नेटवर्क से जुड़े हैं। पुलिस अब जब्त मोबाइल और सिम की तकनीकी जांच कर पुराने मामलों और गिरोह के अन्य सदस्यों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। इस मामले में साइबर थाना में कांड संख्या 53/26, दिनांक 29 अगस्त 2026 के तहत बीएनएस, आईटी एक्ट और टेलीकम्युनिकेशन एक्ट की सुसंगत धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। इस दौरान छापेमारी दल में इंस्पेक्टर नितिश कुमार, मनीष कुमार गुप्ता, एसआई हीरालाल महतो सहित साइबर थाना और रिजर्व गार्ड के जवान शामिल थे।

जामताड़ा से संतोष की रिपोर्ट