जामताडा जिले के नाला में झारखंड मुक्ति मोर्चा नाला प्रखंड समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक गुरुवार को सिंचाई कॉलोनी स्थित आईबी भवन में आयोजित की गई। बैठक में मुख्य वक्ता के रूप में झारखंड विधानसभा के अध्यक्ष सह नाला विधायक रवींद्रनाथ महतो उपस्थित रहे। उन्होंने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तावित एमएमडीआर संशोधन विधेयक, 2026 (माइन्स एंड मिनरल्स डेवलपमेंट एंड रेगुलेशन अमेंडमेंट बिल) को लेकर केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा।
अपने संबोधन में झारखंड विधानसभा अध्यक्ष रवींद्रनाथ महतो ने कहा कि केंद्र सरकार का यह कानून झारखंड के हितों के खिलाफ है। झारखंड खनिज संपदा से भरा राज्य है, लेकिन इस संशोधन के जरिए केंद्र राज्य के अधिकारों को छीनना चाहती है। विधानसभा अध्यक्ष ने गरजते हुए कहा कि झारखंड के लिए यह कानून पारित करना सरासर अन्याय है। हम अपनी अस्मिता और अपने खनिज संसाधनों की रक्षा के लिए हर स्तर पर संघर्ष करेंगे। झारखंड देश को 40% खनिज देता है, लेकिन हमें मिलता क्या है? अब केंद्र इस नए कानून के जरिए हमारे बचे-खुचे अधिकार भी छीनकर दूसरे के हाथों में हमारे खनिज संपदा को सौंपना चाहती है। यह हम कभी बर्दाश्त नहीं करेंगे। यह सिर्फ एक खनन कानून नहीं है, यह हमारे संघीय ढांचे पर सीधा हमला है। बाबा साहेब ने राज्यों को जो अधिकार दिया है, केंद्र उसे कुचल रही है।
उन्होंने कहा कि दिल्ली में बैठकर झारखंड की किस्मत तय नहीं होगी, झारखंड की किस्मत झारखंड के गांव-गांव में तय होगी। गुरुजी शिबू सोरेन और हेमंत सोरेन के नेतृत्व में हमने अलग राज्य के लिए लंबा संघर्ष किया है। यह जल, जंगल, जमीन की लड़ाई है। अगर केंद्र को लगता है कि वे एक कागज पर कानून लाकर हमारे अधिकार छीन लेंगे, तो वे भ्रम में हैं। झामुमो का एक-एक कार्यकर्ता सड़क से लेकर सदन तक इस काले कानून के खिलाफ लड़ेगा। उन्होंने कार्यकर्ताओं को केंद्र की खनिज नीतियों के विरुद्ध जागरूकता फैलाने और संगठन को मजबूत करने का दिशा-निर्देश दिया। बैठक की अध्यक्षता प्रखंड समिति के पदाधिकारियों ने की। इस दौरान बड़ी संख्या में पार्टी के पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं समर्थक मौजूद रहे।
जामताडा से संतोष की रिपोर्ट