पांचवी सोमवारी पर उमड़ा आस्था का सैलाब, शिवमय हुआ देवलेश्वर धाम

बंगाली पंचांग के अनुसार श्रावन माह की पांचवी और अंतिम सोमवारी पर नाला प्रखंड के देवली स्थित प्रसिद्ध बाबा देवलेश्वर मंदिर आस्था के रंग में पूरी तरह सराबोर हो गया।

बंगाली पंचांग के अनुसार श्रावन माह की पांचवी और अंतिम सोमवारी पर नाला प्रखंड के देवली स्थित प्रसिद्ध बाबा देवलेश्वर मंदिर आस्था के रंग में पूरी तरह सराबोर हो गया। रविवार देर रात से ही केसरिया वस्त्र और रुद्राक्ष धारण किए शिवभक्तों का कारवां मंदिर की ओर बढ़ना शुरू हो गया और सोमवार भोर होते-होते पूरा परिसर  हर-हर महादेव और बोल बम  के गगनभेदी जयकारों से गूंज उठा। मंदिर के मुख्य पुजारी ने बताया कि रात से ही श्रद्धालुओं का आना शुरू हो गया था। उन्होंने कहा कि हर साल श्रावन सोमवारी पर भक्त आते हैं, लेकिन इस बार पांचवी सोमवारी पर जो जनसैलाब उमड़ा उसने बीते सभी वर्षों के रिकॉर्ड तोड़ दिए।

भोर 4 बजे से ही जलाभिषेक के लिए लंबी-लंबी कतारें लग गईं। किसी ने परिवार की सुख-शांति की मन्नत मांगी तो किसी ने नौकरी, सेहत और व्यापार में तरक्की की कामना की। दिनभर मंदिर प्रांगण में घंटियों की टंकार, शंखनाद और भक्ति गीतों के बीच एक अलग ही आध्यात्मिक ऊर्जा महसूस की गई।भीड़ की संभावना को देखते हुए मंदिर प्रबंधन समिति ने पहले से ही पुख्ता इंतजाम किए थे। दर्शन के लिए अलग कतार, जलाभिषेक के लिए बैरिकेडिंग, जगह-जगह पेयजल की व्यवस्था और स्वयंसेवकों की तैनाती की गई। श्रद्धालुओं ने व्यवस्था की सराहना करते हुए समिति को धन्यवाद दिया।

सुरक्षा की कमान नाला थाना पुलिस के हाथ में रही। थाना प्रभारी के निर्देश पर पर्याप्त संख्या में पुलिस बल तैनात किए गए। यातायात नियंत्रण से लेकर कतार को अनुशासित रखने तक जवान मुस्तैद दिखे। प्रशासन और मंदिर समिति के बेहतर तालमेल के कारण पूरे दिन शांति और श्रद्धा का माहौल बना रहा। शाम तक भी भक्तों का आना नहीं रुका। गले में रुद्राक्ष और हाथों में जल कलश लेकर पहुंचे शिवभक्तों ने कहा कि बाबा देवलेश्वर की आस्था ही हर साल उन्हें यहां खींच लाती है। मंदिर समिति के एक सदस्य ने कहा कि पांचवी सोमवारी की यह अभूतपूर्व भीड़ इस बात का प्रमाण है कि भोलेनाथ के प्रति लोगों का विश्वास हर साल नई ऊंचाई छू रहा है। दिनभर देवली धाम शिवभक्ति से सराबोर रहा। 

जामताड़ से संतोष की रिपोर्ट