कराली पैक्स चुनाव में भारी गड़बड़ी और नियमों के उल्लंघन का आरोप, चुनाव रद्द करने की मांग को लेकर सहायक निबंधक को सौंपा ज्ञापन

कराली पैक्स (Karali PACS) के हाल ही में संपन्न हुए चुनाव में सहकारिता अधिनियम और पैक्स उप-नियमों की धज्जियां उड़ाने का मामला सामने आया है। शिकायती पत्र के अनुसार 10 अक्टूबर को संपन्न विशेष आम सभा व निर्वाचन प्रक्रिया में धांधली का आरोप लगा है।

हजारीबाग-केरेडारी: कराली पैक्स (Karali PACS) के हाल ही में संपन्न हुए चुनाव में सहकारिता अधिनियम और पैक्स उप-नियमों की धज्जियां उड़ाने का मामला सामने आया है। नियमों के उल्लंघन और चुनावी प्रक्रिया में गंभीर धांधली का आरोप लगाते हुए सहायक निबंधक, सहयोग समितियां (हजारीबाग अंचल) को आवेदन देकर चुनाव को तत्काल रद्द करने तथा पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की गई है।

शिकायती पत्र के अनुसार, 10 अक्टूबर 2026 को संपन्न विशेष आम सभा व निर्वाचन प्रक्रिया में नियमों को ताक पर रखकर अध्यक्ष पद का चयन कराया गया है।

लगाए गए मुख्य आरोप:

एक ही संयुक्त परिवार से दोहरी सदस्यता का खेल:

सहकारिता अधिनियम और पैक्स बायलॉज के तहत एक संयुक्त परिवार से केवल एक ही व्यक्ति सदस्य हो सकता है। आरोप है कि नवनिर्वाचित अध्यक्षा श्रीमती कांति देवी, निवर्तमान पैक्स अध्यक्ष पंकज सिंह की मां हैं और वे वर्षों से एक ही संयुक्त परिवार में साथ रहते हैं। इसके बावजूद नियमों को दरकिनार कर उन्हें अध्यक्ष पद पर चयनित कराया गया।

मतदाता सूची में भारी त्रुटियां:

शिकायत में उल्लेख किया गया है कि मतदाता सूची में नवनिर्वाचित अध्यक्षा कांति देवी (क्रम संख्या 146) और उनके दिवंगत पति स्व. विशेश्वर सिंह (क्रम संख्या 67) दोनों का नाम पृथक सदस्य के तौर पर दर्ज है, जो पूरी तरह नियम विरुद्ध है।

अस्वीकृत नामांकन को कूट रचित कर 'स्वीकृत' करने का आरोप:

शिकायत पत्र के मुताबिक, 28 सितंबर 2026 को नामांकन पत्रों की संवीक्षा (स्क्रूटनी) के दौरान निर्वाचन पदाधिकारी (बी.सी.ओ. बड़कागांव) द्वारा अध्यक्ष पद के एक अन्य प्रत्याशी निर्मल महतो का पर्चा त्रुटि के कारण रद्द घोषित किया गया था, जिसका वीडियो फुटेज भी मौजूद है। आरोप है कि बाद में निवर्तमान अध्यक्ष के प्रभाव व सांठगांठ से रजिस्टर में 'अस्वीकृत' शब्द को खरोंचकर (कूटरचना कर) 'स्वीकृत' कर दिया गया और विरोध के बावजूद चुनाव करा दिया गया।

वोट बैंक बनाने के लिए नियमों की अनदेखी:

पत्र में यह भी आरोप लगाया गया है कि निवर्तमान अध्यक्ष द्वारा अपने प्रभाव को बनाए रखने के लिए नवाडीह स्थित भूमिहार टोली के मात्र 20 घरों से लगभग 80 सदस्य बना दिए गए, जबकि पूरी पंचायत में मृत सदस्य को मिलाकर कुल 734 सदस्य हैं।

ग्रामीणों और सदस्यों ने विभागीय अधिकारियों से इस पूरी चुनावी प्रक्रिया की गहन जांच कर कूटकरण करने वालों पर कार्रवाई करने और चुनाव रद्द कर पुनर्मतदान कराने की मांग की है। 

हजारीबाग-केरेडारी से सुनील कुमार ठाकुर की रिपोर्ट