हजारीबाग चौपारण प्रखंड के बेला पंचायत अंतर्गत ग्राम भुसंडी में बसंती देवी और गोविंद साहू का परिवार एक बेहद जर्जर मकान में रहने को मजबूर है। घर की हालत इतनी खराब है कि परिवार को हर समय इसके गिरने का डर बना रहता है, लेकिन गरीबी और मजबूरी के कारण उनके पास रहने के लिए कोई दूसरा सुरक्षित ठिकाना नहीं है।
बसंती देवी का कहना है कि आवास की उम्मीद में वे लंबे समय से अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के चक्कर लगा रही हैं। कई लोग घर की स्थिति देखकर आवास दिलाने का आश्वासन दे चुके हैं, लेकिन आज तक उन्हें कोई लाभ नहीं मिला।
स्थानीय ग्रामीणों का भी कहना है कि परिवार बेहद गरीब है और इन्हें जल्द आवास मिलना चाहिए। अब सबसे बड़ा सवाल है कि आखिर कब तक यह परिवार आश्वासन के भरोसे जर्जर मकान में जिंदगी गुजारता रहेगा?
हम चौपारण के बीडीओ एवं संबंधित अधिकारियों से मांग करते हैं कि मामले की तत्काल जांच कराई जाए और यदि परिवार पात्र है तो उन्हें जल्द से जल्द अभुआ आवास योजना का लाभ दिया जाए।
क्योंकि यह सिर्फ एक मकान का सवाल नहीं, बल्कि एक गरीब परिवार की सुरक्षा और सम्मान के साथ जीने के अधिकार का सवाल है।
हजारीबाग से सुनील कुमार ठाकुर की रिपोर्ट