धनबाद : जिले के तोपचांची के कालाझार में पत्थर क्रेसर से जुड़ी शिकायत की जांच करने पहुंचे जीप उपाध्यक्ष सरिता देवी को डरा धमका पर भगाने का आरोप लगा है। मामला कतरी नदी पर कथित अवैध पुल निर्माण और पत्थर खदान में एनजीटी के नियमों के उल्लंघन से जुड़ी शिकायत का है। जिला परिषद की उपाध्यक्ष सरिता देवी ने इस मामले में लिखित शिकायत की थी, जिसके बाद जांच कमिटी का गठन किया गया। शुक्रवार को जांच कमिटी मौके पर पहुंची। कमिटी में डीएमओ राकेश तिग्गा और तोपचांची सीओ नूपुर कुमारी समेत अन्य अधिकारी शामिल थे। खुद जिला परिषद उपाध्यक्ष सरिता देवी भी कमिटी की सदस्य के रूप में मौके पर पहुंचीं।
क्रेसर संचालक अपने कुछ सहयोगियों के साथ सरिता देवी और गिरिडीह सांसद प्रतिनिधि सुभाष रवानी से ही उलझ पड़े
आरोप है कि मौके पर पहुंचते ही क्रेसर संचालक अपने कुछ सहयोगियों के साथ सरिता देवी और गिरिडीह सांसद प्रतिनिधि सुभाष रवानी से ही उलझ पड़े और उन्हें डराने धमकाने का प्रयास करने लगे। इसके बाद मौके पर माहौल बिगड़ गया और जांच की कार्रवाई बाधित हो गई। हालात ऐसे बने कि जिला परिषद उपाध्यक्ष सरिता देवी को मौके से लौटना पड़ा। अब सवाल है कि जिस शिकायत की जांच के लिए प्रशासनिक कमिटी बनाई गई और शिकायतकर्ता को ही मौके से डरा धमका कर भगाने का आरोप लगाया जा रहा है
सवाल सिर्फ कतरी नदी पर बने अवैध पुल का है
आपको बता दें कि सवाल सिर्फ कतरी नदी पर बने अवैध पुल का है, नदी पर ओबी पथर और सीमेंट पाइप डाल कर पर्यावरण नियमों की धज्जियां उड़ा कर पुल का निर्माण कर दिया गया है, वही कतरी जो कोयलांचल की लाखो आबादी की आजीविका है, सैकड़ों जीव जंतुओं की जीवन रेखा है,और इन्ही जीव जंतुओं से ये प्रकृति है और इसी प्रकृति को नष्ट किया जा रहा हैं और व्यवस्था तमाशा देख रही है।
धनबाद से नीतीश कुमार की रिपोर्ट