धनबाद जिले के झरिया के अग्निप्रभावित इलाकों में लगातार हो रही बारिश के बीच भू-धसान की घटनाओं ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। छाताबाद और केंदुआडीह के बाद अब झरिया में भी जमीन धंसने की घटना सामने आई है। रविवार को लिलौरी पतरा के बीच बस्ती में अचानक तेज आवाज के साथ जमीन धंस गई। देखते ही देखते जमीन में बड़ा गोफ बन गया और आसपास के कई घरों में दरारें आने की बात सामने आई है। घटना के बाद बस्ती में अफरा-तफरी मच गई। लोग अपने घरों से जरूरी सामान निकालकर सुरक्षित स्थानों पर ले जाने लगे। स्थानीय लोगों में लगातार बारिश के बीच और भू-धसान होने का डर बना हुआ है।
झरिया के लिलौरी पतरा के बीच बस्ती में जहां रविवार को अचानक जमीन धंसने से हड़कंप मच गया। तेज आवाज के बाद जब लोगों ने बाहर निकलकर देखा, तो घरों के पास जमीन में बड़ा गोफ बन चुका था। जमीन धंसने के कारण आसपास रहने वाले लोगों में दहशत फैल गई। स्थानीय लोगों के मुताबिक, बस्ती में सैकड़ों परिवार रहते हैं और यहां पहले से ही जमीन धंसने का खतरा बना हुआ है। बारिश के बीच अचानक हुए भू-धसान ने लोगों की चिंता और बढ़ा दी है। कई परिवार अपने घरों से जरूरी सामान निकालकर सुरक्षित जगह ले जाने लगे हैं।
लोगों का आरोप है कि घटना के कई घंटे बीत जाने के बावजूद BCCL प्रबंधन और जिला प्रशासन का कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। स्थानीय लोगों का कहना है कि वे लंबे समय से असुरक्षित इलाके में रहने को मजबूर हैं, लेकिन उनकी समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाया है। वहीं, स्थानीय लोगों ने बेलगड़िया टाउनशिप में पुनर्वास को लेकर भी कई सवाल उठाए। लोगों के अनुसार कुछ परिवारों को वहां आवास मिला है, लेकिन बड़ी संख्या में लोग अब भी पुनर्वास से वंचित हैं। इसके अलावा टाउनशिप में बिजली और पानी की समस्या भी बनी हुई है। इन समस्याओं के कारण कई परिवार वहां जाने से हिचक रहे हैं। स्थानीय लोगों ने BCCL प्रबंधन और जिला प्रशासन से तत्काल घटनास्थल का निरीक्षण कराने, लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और प्रभावित परिवारों के पुनर्वास को लेकर ठोस पहल करने की मांग की है।
धनबाद से नीतीश की रिपोर्ट