धनबाद:- ईद-उल-मिलादुन्नबी के अवसर पर धनबाद में आस्था, सेवा, भाईचारे और राष्ट्रभक्ति का अनूठा संगम देखने को मिला। एक ओर नौजवान कमेटी ने पिछले 16 वर्षों से जारी अपनी सेवा परंपरा को कायम रखते हुए श्रद्धालुओं के स्वागत और उनकी सुविधा के लिए व्यापक इंतजाम किए, तो वहीं बरवाअड्डा क्षेत्र में पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब के यौम-ए-पैदाइश के मौके पर विशाल जुलूस निकालकर अमन-शांति और आपसी भाईचारे का संदेश दिया गया।
नौजवान कमेटी की ओर से आयोजित जनसेवा कार्यक्रम में श्रद्धालुओं के लिए शीतल जल, प्राथमिक उपचार और एम्बुलेंस जैसी सुविधाओं की व्यवस्था की गई। कमेटी के सदस्यों ने प्रशासनिक दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए पुलिस और प्रशासन को भी पूरा सहयोग दिया।
कमेटी के प्रतिनिधि सोहराब खान और उनकी टीम ने कहा कि हजरत मोहम्मद साहब का संदेश पूरी मानवता के लिए प्रेम, करुणा, दया और ऊंच-नीच का भेद मिटाने का संदेश है। उन्होंने कहा कि मुस्लिम होने के साथ-साथ एक भारतीय मुसलमान के रूप में देश की सेवा करना उनके लिए गर्व की बात है।
वहीं बरवाअड्डा, चरकपत्थर, संभारी, मुर्रा डीह, कुर्मी डीह और सीमरा समेत आसपास के कई गांवों से सैकड़ों की संख्या में मुस्लिम समुदाय के लोग जुलूस में शामिल हुए। जुलूस मुर्रा डीह से शुरू होकर किसान चौक पहुंचा, जहां यह सभा में तब्दील हो गया।
सभा को संबोधित करते हुए मौलाना अब्दुल रशिद अजीजी ने लोगों से आपसी भाईचारा बनाए रखने और अमन-शांति के साथ रहने की अपील की।
कुल मिलाकर, मिलादुन्नबी के मौके पर धनबाद में निकले जुलूस और सेवा कार्यक्रमों ने यही संदेश दिया कि इंसानियत, भाईचारा, अमन और देश के प्रति समर्पण ही समाज को मजबूत बनाने की सबसे बड़ी ताकत है।
धनबाद से नीति की रिपोर्ट