धनबाद : शहर के अग्रसेन भवन में धनबाद जिला विद्युत साउंड एंड डीजे डेकोरेटर्स संघ की ओर से प्रेसवार्ता आयोजित की गई। इसमें जिला प्रशासन द्वारा डीजे-साउंड को लेकर अचानक जारी किए गए कार्रवाई संबंधी निर्देशों पर चिंता जताई गई। संघ का कहना है कि अचानक प्रतिबंध की जानकारी मिलने से साउंड और डीजे कारोबार से जुड़े लोगों के सामने संकट की स्थिति उत्पन्न हो गई है। कई पूजा समितियों और अन्य आयोजकों ने महीनों पहले ही बुकिंग करा रखी है। ऐसे में अचानक प्रतिबंध की सूचना से संघ के सदस्यों के बीच असमंजस और हड़कंप का माहौल है।
संघ ने कहा- प्रशासन द्वारा डीजे-साउंड पर प्रतिबंध के साथ ऑपरेटरों के खिलाफ भी कार्रवाई करने का निर्देश दिया जाना उचित नहीं
प्रेसवार्ता में संघ के जिलाध्यक्ष शिव कुमार बनर्जी ने कहा कि प्रशासन द्वारा डीजे-साउंड पर प्रतिबंध के साथ ऑपरेटरों के खिलाफ भी कार्रवाई करने का निर्देश दिया जाना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि डीजे-साउंड का संचालन ऑपरेटर और कारीगरों के सहयोग से ही संभव है। ऑपरेटरों को प्रतिदिन लगभग एक हजार रुपये मजदूरी मिलती है। ऐसे में यदि वे किसी मामले में फंस जाते हैं, तो उनके लिए कानूनी कार्रवाई और उससे जुड़े खर्चों का सामना करना मुश्किल हो जाएगा।
'ऑपरेटर अपनी मर्जी से डीजे-साउंड नहीं बजाते हैं'
उन्होंने कहा कि ऑपरेटर अपनी मर्जी से डीजे-साउंड नहीं बजाते हैं। किसी पार्टी, समिति या आयोजक की बुकिंग और उनके निर्देश पर ही वे उपकरण संचालित करते हैं। कई बार आयोजक या समिति के सदस्य भी अपनी जरूरत के अनुसार संचालन के लिए कहते हैं। ऐसे में गलती करने वाले आयोजकों के बजाय निर्दोष ऑपरेटरों पर कार्रवाई करना उचित नहीं है। संघ ने स्पष्ट किया कि वह जिला प्रशासन के खिलाफ नहीं है और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई का समर्थन करता है। हालांकि, संघ की मांग है कि कार्रवाई के दौरान दोषी व्यक्तियों की पहचान की जाए और बेवजह ऑपरेटरों तथा कारीगरों को परेशान नहीं किया जाए।
ऐसी स्थिति में किसी भी प्रकार के त्योहार या आयोजन में भी वे अपना काम नहीं करेंगे - संघ
संघ ने चेतावनी दी कि यदि निर्दोष ऑपरेटरों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहती है, तो धनबाद के करीब दो हजार परिवार साउंड और डीजे का कारोबार पूरी तरह बंद करने को मजबूर होंगे। संघ के अनुसार, ऐसी स्थिति में किसी भी प्रकार के त्योहार या आयोजन में भी वे अपना काम नहीं करेंगे। प्रेसवार्ता के माध्यम से संघ ने जिला प्रशासन से मामले पर पुनर्विचार करने और साउंड-डीजे कारोबार से जुड़े लोगों की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए उचित समाधान निकालने की मांग की।
धनबाद से नीतीश कुमार की रिपोर्ट