धनबाद को रेलवे जोन बनाने की मांग जोर पकडने लगी है। धनबाद मंडल संसदीय समिति की बैठक में शामिल हुए जनप्रतिनिधियों ने नई ट्रेने, ट्रेनों का ठहराव, ट्रेनों का विस्तार,फेरे बढ़ाने,यात्री सुविधा समेत जनहित के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया साथ ही धनबाद को रेलवे जोन बनाने की भी मांग उठाई गई। जनप्रतिनिधियों का मानना है कि धनबाद रेल मंडल जो कि सबसे अधिक राजस्व और कोयला लदान देने वाले मंडलों में से एक है, जिसके कारण धनबाद को जोन बनाने से यहाँ के विकास को रफ्तार मिलेगी।
दरअसल बुधवार को धनबाद डीआरएम कार्यालय में धनबाद मंडल संसदीय समिति की महत्वपूर्ण बैठक सम्पन्न हुई। बैठक की अध्यक्षता पलामू के सांसद वीडी राम ने किया। बैठक में धनबाद सांसद ढुल्लु महतो ने धनबाद मंडल को सबसे अधिक राजस्व देनेवाला मंडल बताया और इस वजह से धनबाद को रेलवे जोन बनाने की मांग उठाई। ढुल्लु महतो ने जम्मू जानेवाली ट्रेन को कटरा तक चलाने, गंगा दामोदर एक्सप्रेस को पटना से आगे बक्सर तक चलाने के साथ ही बक्सर तक एक नई ट्रेन शुरू करने और कई ट्रेनों को नियमित करने का भी मुद्दा उठाया। बैठक में पलामू सांसद वीडी राम ने अपने संसदीय क्षेत्र में गया, शेरघाटी, इमामगंज में रेल लाइन सहित ट्रेनों का ठहराव ट्रेनों का विस्तार यात्री सुविधा का मुद्दा उठाया।
मंडल संसदीय समिति की बैठक का मुख्य उद्देश्य अपने संसदीय क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले रेलवे स्टेशनों पर यात्री सुविधाओं का विस्तार, नई ट्रेनों के परिचालन, ट्रेनों के ठहराव या मार्ग-विस्तार, और रुकी हुई रेल परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा करना होता है। इसमें सांसद अपने क्षेत्र की जनता की मांगों और समस्याओं को सीधे रेलवे प्रशासन के समक्ष रखकर उनके समाधान पर चर्चा करते हैं। बैठक में चतरा सांसद कालीचरण सिंह ने अपने क्षेत्र की दो प्रमुख समस्या को प्रमुखता से उठाया। गिरिडीह सांसद चंद्र प्रकाश चौधरी ने भी अपने क्षेत्र की समस्याओं को प्रमुखता से रखा।
पूर्व मध्य रेल महाप्रबंधक छत्रसाल सिंह की मौजूदगी में आयोजित बैठक में नई ट्रेन चलाने, ट्रेनों के विस्तार, फेरे बढ़ाने समेत अन्य यात्री सुविधाओं पर गंभीरता पूर्वक विमर्श किया गया। जनप्रतिनिधियों के सुझाव व प्रस्ताव पर रेलवे अधिकारियों से सकारात्मक जवाब भी मिले। जनप्रतिनिधियों के सुझावों और प्रस्तावों पर सकारात्मक रुख अपनाते हुए रेल अधिकारीयों ने आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिलाया। बताया गया कि जिन प्रस्तावों का निर्णय मंडल स्तर पर संभव है, उन पर प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई किये जाने जबकि नीति स्तर के मामलों को रेलवे बोर्ड एवं संबंधित उच्च अधिकारियों को भेजा जाएगा।
धनबाद से नीतीश की रिपोर्ट