श्रावणी मेला 2026 के दौरान श्रद्धालुओं को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के उद्देश्य से देवघर जिला प्रशासन का खाद्य सुरक्षा अभियान लगातार जारी है। इसी क्रम में गुरुवार को खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने शहर के कई होटल, भोजनालयों और खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। जांच के दौरान कई जगहों पर खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन और गंभीर अनियमितताएं सामने आईं, जिसके बाद विभाग ने तत्काल कार्रवाई शुरू कर दी।
जिला खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी राजेश कुमार शर्मा ने बताया कि छापेमारी के दौरान एक निजी प्रतिष्ठान से लगभग 10 टन आटा, 800 किलोग्राम बेसन और फॉर्च्यून ब्रांड का बड़ी मात्रा में एक्सपायर्ड खाद्य तेल बरामद किया गया। विभाग ने पूरी खाद्य सामग्री को जब्त कर सुरक्षित रख लिया है। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि इन समाप्त अवधि वाले खाद्य उत्पादों का उपयोग श्रावणी मेले के दौरान किया जाना था। हालांकि समय रहते विभाग की कार्रवाई से यह सामग्री बाजार में पहुंचने से पहले ही पकड़ ली गई।
मामले को गंभीर मानते हुए संबंधित प्रतिष्ठान के संचालक के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के प्रावधानों के तहत नोटिस जारी किया गया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि कानूनी प्रक्रिया के अनुरूप आगे की कार्रवाई की जाएगी।
निरीक्षण अभियान के दौरान देवघर के देसी जायका भोजनालय की भी जांच की गई। यहां रसोईघर की साफ-सफाई संतोषजनक नहीं पाई गई। इसके बाद संचालक को नोटिस जारी कर तत्काल स्वच्छता व्यवस्था दुरुस्त करने और खाद्य सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
श्रावणी मेले के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आगमन को देखते हुए खाद्य सुरक्षा विभाग ने निगरानी और जांच अभियान को और तेज कर दिया है। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी स्थिति में मिलावटी, खराब या एक्सपायर्ड खाद्य सामग्री को बाजार में पहुंचने नहीं दिया जाएगा। विभाग का मानना है कि समय पर हुई इस कार्रवाई से श्रद्धालुओं के स्वास्थ्य को संभावित खतरे से बचाने में सफलता मिली है, जबकि नियमों का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।