देवघर में प्रशासनिक टकराव! खनन विभाग की लंबित फाइलों पर भिड़े DC और DMO

देवघर में प्रशासनिक टकराव! खनन विभाग की लंबित फाइलों पर भिड़े DC और DMO

देवघर का प्रशासनिक तंत्र इन दिनों दो वरिष्ठ अधिकारियों के बीच बढ़ते मतभेद को लेकर चर्चा में है। जिला प्रशासन के शीर्ष स्तर पर पैदा हुआ यह विवाद अब औपचारिक विभागीय कार्रवाई तक पहुंच गया है, जिससे पूरे महकमे में हलचल मची हुई है। जानकारी के अनुसार, बीते लगभग एक महीने के भीतर उपायुक्त (डीसी) ने जिला खनन पदाधिकारी (डीएमओ) को तीन अलग-अलग कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं। नोटिस में आरोप लगाया गया है कि संबंधित अधिकारी बिना पूर्व अनुमति या सूचना के मुख्यालय से बाहर चले जाते हैं और कई महत्वपूर्ण विभागीय बैठकों में भी उपस्थित नहीं रहते। 

सूत्रों का कहना है कि हाल ही में जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट (DMFT) से जुड़े एक अहम समीक्षा बैठक के दौरान दोनों अधिकारियों के बीच तीखी बहस हुई। बैठक में मौजूद अन्य प्रशासनिक अधिकारियों के सामने यह मतभेद खुलकर सामने आया, जिससे माहौल असहज हो गया।

खनन विभाग की फाइलों को लेकर उठे सवाल

मामले से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, बैठक के दौरान जिला खनन पदाधिकारी ने विभाग की कई लंबित फाइलों का मुद्दा भी उठाया। उनका कहना था कि पट्टा हस्तांतरण, डीड नवीनीकरण और लेटर ऑफ इंटेंट (LOI) की स्वीकृति से संबंधित दो दर्जन से अधिक मामलों में सभी आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी कर फाइलें उपायुक्त कार्यालय भेजी गई थीं, लेकिन उन्हें बिना स्पष्ट कारण वापस लौटा दिया गया।

डीएमओ ने यह भी कहा कि फाइलों के लंबित रहने से विभागीय कार्यों की गति प्रभावित हो रही है और संबंधित आवेदकों को अनावश्यक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सूत्रों के अनुसार, बड़ी संख्या में फाइलों के अटकने के पीछे की वजह को लेकर जिला प्रशासन के भीतर भी विभिन्न तरह की चर्चाएं चल रही हैं। हालांकि, इस संबंध में किसी भी अधिकारी की ओर से आधिकारिक तौर पर कोई बयान सामने नहीं आया है। ऐसे में पूरे मामले पर प्रशासन की अगली कार्रवाई पर सभी की नजर बनी हुई है।