बोकारो से उड़ान भरने का सपना होगा साकार? निरीक्षण के बाद आई बड़ी अपडेट

बोकारो से उड़ान भरने का सपना होगा साकार? निरीक्षण के बाद आई बड़ी अपडेट

बोकारो हवाई अड्डे से व्यावसायिक उड़ान सेवा शुरू करने की दिशा में एक बार फिर गतिविधियां तेज होती दिखाई दे रही हैं। इसी क्रम में मंगलवार को रांची एयरपोर्ट के निदेशक एस.पी. सिन्हा ने बोकारो एयरपोर्ट का विस्तृत निरीक्षण किया। उनके साथ बोकारो के उपायुक्त अजय नाथ झा, सेल (SAIL) के अधिकारी और जिला प्रशासन के अन्य प्रतिनिधि भी मौजूद रहे।

निरीक्षण के दौरान एयरपोर्ट परिसर में निर्मित टर्मिनल भवन, रनवे और अन्य आधारभूत सुविधाओं की स्थिति का जायजा लिया गया। अधिकारियों ने उपलब्ध संसाधनों के नियमित रखरखाव (एनुअल मेंटेनेंस) पर विशेष जोर देते हुए संबंधित एजेंसियों को आवश्यक निर्देश दिए, ताकि एयरपोर्ट संचालन के लिए सभी व्यवस्थाएं मानकों के अनुरूप बनी रहें।

यह निरीक्षण ऐसे समय हुआ है जब एक दिन पहले ही राज्यसभा में झारखंड से सांसद परिमल नाथवानी ने राज्य के हवाई अड्डों की प्रगति को लेकर प्रश्न उठाया था। जवाब में केंद्र सरकार की ओर से बताया गया था कि बोकारो एयरपोर्ट से उड़ान सेवा शुरू करने के लिए आवश्यक तैयारियां लगभग पूरी कर ली गई हैं। ऐसे में अधिकारियों का यह दौरा एयरपोर्ट संचालन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

निरीक्षण के बाद रांची एयरपोर्ट के निदेशक एस.पी. सिन्हा ने कहा कि एयरपोर्ट का करीब 90 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। अब सबसे महत्वपूर्ण चरण लाइसेंस प्राप्त करने की प्रक्रिया का है, जिस पर तेजी से काम किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) से लगातार समन्वय किया जा रहा है। उन्होंने स्वीकार किया कि परियोजना में अपेक्षा से अधिक समय लगा है, लेकिन मुख्यमंत्री के एजेंडे में बोकारो और दुमका एयरपोर्ट को प्राथमिकता मिलने के कारण उन्हें भरोसा है कि जल्द ही यहां से उड़ानों का संचालन शुरू हो सकेगा।

उपायुक्त अजय नाथ झा ने बताया कि राज्य सरकार के हिस्से के अधिकांश कार्य पूरे किए जा चुके हैं। शेष कार्यों को पूरा करने के लिए जिला प्रशासन और सेल मिलकर काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि निरीक्षण के बाद तैयार की जाने वाली रिपोर्ट संबंधित मंत्रालय को भेजी जाएगी, जिसके आधार पर केंद्र स्तर पर आगे की प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया जाएगा।

यदि लाइसेंस संबंधी औपचारिकताएं समय पर पूरी हो जाती हैं, तो बोकारो एयरपोर्ट से लंबे समय से प्रतीक्षित हवाई सेवा शुरू होने का रास्ता साफ हो सकता है। इससे न केवल बोकारो बल्कि आसपास के औद्योगिक और व्यावसायिक क्षेत्रों को भी बेहतर हवाई संपर्क का लाभ मिलने की उम्मीद है।