चास नगर निगम में पानी, नाली और गंदगी से लोग परेशान

चास नगर निगम में बुनियादी सुविधाओं को लेकर बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन जमीनी तस्वीर इन दावों से अलग नजर आ रही है। वार्ड नंबर-15 और 21 में कहीं लोग पानी के लिए कतार में खड़े हैं तो कहीं बजबजाती नालियां और गंदगी लोगों की परेशानी बढ़ा रही है।

बोकारो : चास नगर निगम में बुनियादी सुविधाओं को लेकर बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन जमीनी तस्वीर इन दावों से अलग नजर आ रही है। वार्ड नंबर-15 और 21 में कहीं लोग पानी के लिए कतार में खड़े हैं तो कहीं बजबजाती नालियां और गंदगी लोगों की परेशानी बढ़ा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पानी की सप्लाई कई-कई दिनों के अंतराल पर होती है और वह भी कुछ मिनटों के लिए। 

ये तस्वीरें चास नगर निगम के वार्ड नंबर-15 और 21 की है

आपको बता दें कि ये तस्वीरें चास नगर निगम के वार्ड नंबर 15 और 21 की है। जहां एक तरफ गंदगी से बजबजाती नालियां हैं तो दूसरी तरफ पानी के लिए लोगों की लंबी कतार लगी है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, सप्लाई का पानी कोई तय समय पर नहीं आता। कभी चार दिन, कभी एक सप्ताह तो कभी 10 दिन के बाद पानी की सप्लाई होती है और जब पानी आता तो महज कुछ मिनटों के लिए ही आता है।

तस्वीरों में देख सकते हैं कि एक ही टंकी के नीचे बड़ी संख्या में लोग पानी के इंतजार में खड़े हैं

आप इन तस्वीरों में देख सकते हैं कि एक ही टंकी के नीचे बड़ी संख्या में लोग पानी के इंतजार में खड़े हैं। पानी की जरूरत पूरी करने के लिए कई लोगों को दूर से पानी ढोकर लाना पड़ता है। ऐसे में सवाल सिर्फ पानी का नहीं, बल्कि रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़ी बुनियादी जरूरतों का है। पानी कितने दिनों में आता है, कितनी देर आता है और पानी के लिए लोगों को क्या परेशानी होती है। वहीं इलाके की नालियों की हालत भी लोगों की परेशानी बढ़ा रही है। गंदगी और जलजमाव से स्थानीय लोग साफ-सफाई की व्यवस्था को लेकर सवाल उठा रहे हैं।

हर घर तक नल से पानी पहुंचाने व शहर को साफ रखने की योजनाओं की बात लगातार की जाती है

हर घर तक नल से पानी पहुंचाने और शहर को साफ रखने की योजनाओं की बात लगातार की जाती है। लेकिन चास के इन इलाकों में जमीन पर तस्वीर कुछ और ही कहानी बयां कर रही है। पानी के लिए कतार, गंदगी से भरी नालियां और अनियमित सप्लाई। ऐसे में सवाल है कि आखिर लोगों को बुनियादी सुविधाओं के लिए कब तक इंतजार करना पड़ेगा? फिलहाल स्थानीय लोग अपनी समस्याओं के स्थायी समाधान की मांग कर रहे हैं। अब देखना होगा कि नगर निगम और संबंधित जिम्मेदार अधिकारी इन शिकायतों पर कबतक कार्रवाई करते हैं।

बोकारो से चंदन सिंह की रिपोर्ट