बरसात आते ही चास नगर निगम की सिवरेज और साफ-सफाई व्यवस्था की पोल खुल गई है। चुनाव के दौरान बड़े-बड़े दावे और वादे करने वाले जनप्रतिनिधियों वार्ड पार्षद से लेकर मेयर तक के कामकाज की तस्वीर भी अब पानी में साफ दिखाई दे रही है। ये तस्वीरें चास के वार्ड नंबर 14 के कैलाश नगर और रामनगर कॉलोनी की हैं, जहां जलजमाव ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
हालात ऐसे हैं कि नालियों का पानी सड़क से होते हुए लोगों के घरों तक पहुंच चुका है। जगह-जगह कचरे का अंबार लगा है और उसी गंदे पानी में कचरा तैरता नजर आ रहा है। ऐसे में संक्रमण और गंभीर बीमारियों का खतरा भी बना हुआ है। एक तरफ सरकार साफ-सफाई और संक्रामक बीमारियों से बचाव की अपील करती है, तो दूसरी तरफ इन तस्वीरों में जमीनी हकीकत कुछ और ही कहानी बयां कर रही है।
स्थानीय लोग नगर निगम और जनप्रतिनिधियों की कथित उदासीनता से खासे नाराज हैं। उनका आरोप है कि निगम होल्डिंग टैक्स वसूलने में तो तत्परता दिखाता है, लेकिन जब सुविधाएं देने की बारी आती है तो टालमटोल शुरू हो जाती है। लोगों का यह भी आरोप है कि निगम की व्यवस्था में आम और खास के बीच फर्क नजर आता है—खास लोगों के काम तेजी से होते हैं, जबकि आम जनता अपनी समस्याओं के साथ ही रह जाती है। वहीं, इलाके में बिजली व्यवस्था को लेकर भी लोगों ने चिंता जताई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बांस के सहारे बिजली के तार ले जाए गए हैं, जो कभी भी गिर सकते हैं और बड़े हादसे का कारण बन सकते हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि टैक्स लेने में तत्पर नगर निगम इस बदहाल व्यवस्था को कब सुधारेगा? आखिर बरसात में हर साल लोगों को इसी तरह जलजमाव और गंदगी की सजा क्यों भुगतनी पड़ रही है?
बोकारो से चंदन सिंह की रिपोर्ट