पटना: राज्य में आम लोगों को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के उद्देश्य से खाद्य प्रतिष्ठानों के निरीक्षण, खाद्य पदार्थों के नमूना संग्रहण एवं प्रयोगशाला जांच की कार्रवाई लगातार जारी है। सचिव-सह-खाद्य संरक्षा आयुक्त कुमार रवि के निर्देश पर खाद्य संरक्षा अधिकारियों द्वारा राज्य के विभिन्न जिलों में खाद्य प्रतिष्ठानों का नियमित निरीक्षण कर खाद्य सुरक्षा एवं स्वच्छता मानकों के अनुपालन की जांच की जा रही है। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।
खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता एवं स्वच्छता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से खाद्य संरक्षा टीम द्वारा पटना के प्रमुख होटलों मेसर्स होटल गर्गी ग्रैंड, मेसर्स पाटलिपुत्र एक्सोटिका, द पनाश होटल, होटल मौर्या एवं लेमन ट्रीका औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान खाद्य पदार्थों के भंडारण, रसोई की स्वच्छता, कर्मचारियों की व्यक्तिगत स्वच्छता, पानी की गुणवत्ता तथा खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुपालन में कई अनियमितताएँ पाई गईं। संबंधित प्रतिष्ठानों को आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
निरीक्षण के दौरान होटल गार्गी ग्रैंड में एक्सपायरी खाद्य सामग्री विनष्ट किया गया जबकि पनीर एवं खोवा के नमूने संग्रहित किए गए। निरीक्षण के दौरान रसोई में शाकाहारी एवं मांसाहारी खाद्य पदार्थ एक साथ रखे पाए गए। खाद्य पदार्थों के भंडारण में FEFO/FIFO प्रणाली का पालन नहीं किया जा रहा था। पानी की अंतिम जांच वर्ष 2024 में कराए जाने तथा कर्मचारियों के स्वास्थ्य प्रमाण-पत्र उपलब्ध नहीं होने जैसी कमियां भी सामने आईं। कार्रवाई के तहत पनीर एवं अरहर दाल के वैधानिक नमूने संग्रहित कर जांच के लिए खाद्य प्रयोगशाला भेजने की प्रक्रिया की गई। इन अनियमितताओं के मद्देनजर होटल को इम्प्रूवमेंट नोटिस जारी कर 14 दिनों के भीतर कमियों का निराकरण करने का निर्देश दिया गया।
वहीं पाटलिपुत्र एक्सोटिका में रसोई की सफाई एवं खाद्य भंडारण में खामियां मिली। निरीक्षण के दौरान होटल की रसोई में साफ-सफाई की स्थिति असंतोषजनक पाई गई। स्टोर रूम में FIFO प्रणाली का पालन नहीं किया जा रहा था तथा खाद्य सामग्री रखने की व्यवस्था भी उचित नहीं थी। रसोई का वेंटिलेटर टूटा हुआ पाया गया, जिसके कारण रसोई में कबूतर की मौजूदगी देखी गई। इसके अतिरिक्त, बिल पर FSSAI नंबर अंकित नहीं था। खाद्य संरक्षा टीम ने संबंधित प्रतिष्ठान को इन कमियों में सुधार कर खाद्य सुरक्षा एवं स्वच्छता मानकों का पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। होटल में 6 kg राज मिल्क, 8 किलो बैकरी मिक्स, 1.5 किलो हाइड्रो, 100 ग्राम जीरा सीप एक्सपायर्ड पाया गया, जिसे विनष्ट कराया गया। इन अनियमितताओं के मद्देनजर होटल को इम्प्रूवमेंट नोटिस जारी कर 14 दिनों के भीतर कमियों का निराकरण करने का निर्देश दिया गया।
राजधानी के प्रमुख होटर में शुमार होने वाले द पनाश होटल में 10 किलोग्राम मटन-चिकन एवं 6 पैकेट ब्रेड विनष्ट किया गया। निरीक्षण के दौरान होटल के फ्रीजर रूम में लगभग 10 किलोग्राम मटन एवं चिकन पॉलीथिन रैप किया हुआ पाया गया। पैकेटों पर निर्माण तिथि एवं उपयोग की अंतिम तिथि अंकित नहीं थी। उक्त मटन एवं चिकन मानव उपभोग के लिए उपयुक्त नहीं पाया गया। खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 की धारा 38 के तहत कार्रवाई करते हुए इसे जब्त कर विनष्ट कराया गया। इसके अतिरिक्त, उपयोग की अंतिम तिथि अंकित नहीं होने के कारण लगभग 6 पैकेट ब्रेड भी विनष्ट कराई गई, जिस पर उपयोग की अंतिम तिथि अंकित नहीं थी। होटल में उपयोग किए जा रहे पानी की तत्काल TDS मीटर से जांच की गई, जिसमें TDS का मान 44 पाया गया। निरीक्षण प्रतिवेदन में इसे निर्धारित मानक के अनुरूप नहीं माना गया। खाद्य पदार्थों से संबंधित नौ बिंदुओं पर कार्रवाई एवं विसंगतियों का उल्लेख किया गया। संबंधित खाद्य पदार्थों का कुल बाजार मूल्य ₹6,250 बताया गया। इन अनियमितताओं के मद्देनजर होटल को इम्प्रूवमेंट नोटिस जारी कर 14 दिनों के भीतर कमियों का निराकरण करने का निर्देश दिया गया।
वहीं साउथ गांधी मैदान स्थित होटल मौर्या के निरीक्षण के दौरान रसोई में खाद्य पदार्थ तैयार करने के लिए एल्युमिनियम के बर्तनों का उपयोग किया जा रहा था। इनके उपयोग पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई गई। खाद्य पदार्थों को गर्म एवं ठंडा रखने की प्रक्रिया से संबंधित रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं था तथा तापमान प्रबंधन में भी कमियां पाई गईं, फ्रिज में भी जंग लगा हुआ पाया गया। होटल से पनीर का वैधानिक नमूना संग्रहित कर जांच के लिए खाद्य प्रयोगशाला अगमकुआं भेजने की कार्रवाई की गई। सॉल्टेड बटर का नमूना भी संग्रहित किया गया। इसके अलावा, कर्मचारियों की व्यक्तिगत स्वच्छता असंतोषजनक पाई गई। ड्रेनेज सिस्टम में सुधार की आवश्यकता, खाद्य एवं गैर-खाद्य पदार्थों को अलग-अलग नहीं रखने, बिना ढक्कन वाले डस्टबिन तथा कुछ डीप फ्रीजर में जंग लगने जैसी कमियां सामने आईं। इन अनियमितताओं के मद्देनजर होटल को इम्प्रूवमेंट नोटिस जारी कर 14 दिनों के भीतर कमियों का निराकरण करने का निर्देश दिया गया। साथ ही, कर्मचारियों की व्यक्तिगत स्वच्छता, ड्रेनेज सिस्टम में सुधार तथा खाद्य एवं गैर-खाद्य पदार्थों के अलग-अलग भंडारण को सुनिश्चित करने को कहा गया।
लेमन ट्री होटल के निरीक्षण के दौरान पनीर, चीज, टमाटर सॉस एवं लिक्विड सॉस के वैधानिक नमूने संग्रहित किए गए। इन नमूनों को गुणवत्ता की जांच के लिए खाद्य प्रयोगशाला भेजने की कार्रवाई की गई। इसके अतिरिक्त, जाली लगे ड्रेनेज को उचित तरीके से ढकने का निर्देश दिया गया। खाद्य संरक्षा टीम ने सभी संबंधित प्रतिष्ठानों को खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, उचित भंडारण, रसोई की स्वच्छता एवं खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। विभाग द्वारा नियमित निरीक्षण, नमूना संग्रहण एवं नियमों के उल्लंघन पर नियमानुसार कार्रवाई के माध्यम से आम लोगों को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने की दिशा में लगातार कदम उठाए जा रहे हैं। इन अनियमितताओं के मद्देनजर होटल को इम्प्रूवमेंट नोटिस जारी कर 14 दिनों के भीतर कमियों का निराकरण करने का निर्देश दिया गया।