पटना: स्वास्थ्य मंत्री निशांत द्वारा गत सात जुलाई 2026 को राजधानी के राजवंशीनगर स्थित लोकनायक जयप्रकाश नारायण सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के औचक निरीक्षण के दौरान प्राप्त शिकायतों के आलोक में तीन चिकित्सकों के विरुद्ध कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया था। फलतः संबंधित चिकित्सकों से स्पष्टीकरण मांगा गया, लेकिन उनके द्वारा प्रस्तुत जवाब संतोषजनक नहीं पाए गए। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग द्वारा तीनों चिकित्सकों को अलग-अलग ज्ञापन जारी कर विभागीय कार्रवाई प्रारंभ की गई।
दरअसल तीन चिकित्सकों के विरुद्ध अलग-अलग शिकायतें मिली थी। इनमें डॉ. राज किशोर रौशन पर अपराह्न 2 बजे से 3 बजे तक कर्तव्य से अनुपस्थित रहने तथा निजी क्लिनिक संचालित करने के कारण प्रायः ड्यूटी से अनुपस्थित रहने का आरोप है। जबकि डॉ. श्याम किशोर पर अस्पताल में इलाज के लिए आने वाले मरीजों को सादे कागज पर अपने निजी अस्पताल, हरिहर सीएनएस अस्पताल, पानी टंकी के सामने, शास्त्रीनगर, पटना, जाने के लिए बाध्य करने का आरोप है। वहीं डॉ. अमरनाथ प्रसाद पर अस्पताल में आने वाले मरीजों का निरंतर स्वास्थ्य परीक्षण नहीं करने तथा उन्हें बाहर से दवा लाने के लिए बाध्य करने संबंधी शिकायत है।
स्वास्थ्य विभाग ने तीनों चिकित्सकों को जारी ज्ञापनों में आरोपों का विवरण, संबंधित साक्ष्य एवं दस्तावेजों की छायाप्रति उपलब्ध कराते हुए एक पक्ष के अंदर लिखित अभिकथन प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। चिकित्सकों से यह भी स्पष्ट करने को कहा गया है कि वे किन आरोपों को स्वीकार करते हैं और किनसे इनकार करते हैं। इसके अतिरिक्त, उन्हें व्यक्तिगत सुनवाई का अवसर चाहने के संबंध में भी अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया गया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित अवधि में जवाब प्राप्त नहीं होने की स्थिति में उपलब्ध साक्ष्यों एवं अभिलेखों के आधार पर विभागीय जांच की जाएगी।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा यह कार्रवाई औचक निरीक्षण के दौरान प्राप्त शिकायतों, संबंधित प्रतिवेदनों तथा चिकित्सकों के स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं पाए जाने के बाद प्रारंभ की गई है। आरोपों की पुष्टि एवं आगे की कार्रवाई विभागीय जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर निर्धारित होगी।