बिहार के शिक्षकों की हर समस्या को करेंगे दूर: शिक्षा मंत्री

राज्य के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने बडा बयान दिया है। तिवारी ने कहा है कि वह राज्य के शिक्षकों की हर समस्या को दूर करेंगे। उन्होंने यह बातें बुधवार को मीडिया से रूबरू होते हुए कही।

राज्य के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने बड़ा बयान दिया है। तिवारी ने कहा है कि वह राज्य के शिक्षकों की हर समस्या को दूर करेंगे। उन्होंने यह बातें बुधवार को मीडिया से रूबरू होते हुए कही। उन्होंने टीआरइ 4 के बारे में भी अहम जानकारी दी।

मिथिलेश तिवारी ने कहा कि शिक्षकों के सरप्लस मामले को लेकर विभाग गंभीर है। यह विभाग का विषय है। यह कोई मामला नहीं है, कोई परेशान नहीं है। हमें हर विद्यालय में शिक्षक चाहिए। किसी विद्यालय में अगर एक सीट है और वहां पांच शिक्षक रहेंगे तो वह सरप्लस ही होंगे। उन सभी शिक्षकों को हमने ऐच्छिक ट्रांसफर के लिए ऑप्शन दिया है। वह अपनी इच्छा से आवेदन दे रहे हैं। एक लाख एच्छिक थे, उनमें से 73000 का आवेदन मिल चुका है। हम शिक्षकों से सीधा संवाद कर रहे हैं। मीडिया के माध्यम से भी यह बात दूर-दूर तक जाए बिहार के एक भी शिक्षक की समस्या को हम नहीं रहने देंगे। शिक्षकों की बातों को विभाग सीधा सुन रहा है। 31 अक्टूबर तक हम उनकी सारी बातों को सुनेंगे, उसके बाद हम छात्रों की सुनेंगे।

वहीं टीआरइ 4 से जुडे एक सवाल पर उन्होंने कहा कि परीक्षा लेना बीपीएससी से जुड़ा मामला है। यह बीपीएससी बताया लेकिन सरकार ने फूलप्रूफ परीक्षा जल्द लेने का आग्रह किया है। फूलपुर व्यवस्था के साथ परीक्षा होगी। छात्रों के सड़क पर उतरने से जुड़े एक सवाल पर उनका कहना था कि छात्र सड़क पर क्यों उतरेंगे? उनकी सारी बातें मानी गई हैं। छात्र सड़क पर क्यों उतरेंगे? कुछ नेता हैं जो अपनी नेतागिरी चमकाने के लिए छात्रों को भड़का रहे हैं। मैं मीडिया के माध्यम से अभ्यर्थियों से कहना चाहूंगा कि वह किसी भी झांसे में न आए। सरकार उनकी है और उनकी हर बात का सरकार संज्ञान ले रही है। 

नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के द्वारा लिखे गए पत्र से जुडे सवाल पर शिक्षा मंत्री ने कहा कि नेता विपक्ष बहुत देरी से चल रहे हैं। जिस काम को मैं कर देता हूं, उस काम को करने को लेकर के वह पत्र लिखते हैं। उनको बधाई है कि कम से कम उन्हें शिक्षा विभाग का काम दिख रहा है। जिस चीज को लेकर के उन्होंने पत्र लिखा है, वह सब मैंने पहले ही किया हुआ है। इसलिए उनके पत्र का कोई मतलब नहीं है। एक सवाल के जवाब में मिथिलेश तिवारी ने कहा कि उनके पिताजी और वह खुद साढे तीन साल तक उपमुख्यमंत्री रहे। यह बताएं कि उन्होंने संस्कृत के लिए कभी बात की हो या उनके पिताजी ने बात की हो। जिसने सत्ता में रहते हुए कभी संस्कृत की चिंता नहीं की, अब वह उपदेश दे रहे हैं। मैं मीडिया के माध्यम से उनका कहना चाहूंगा कि आप आराम से पर्यटन कीजिए। विदेश घुमिए। बिहार बहुत सुरक्षित हाथों में है। सम्राट चौधरी, संस्कृत की जितनी चिंता होनी चाहिए, उतनी चिंता कर रहे हैं। जितनी उर्दू की चिंता होनी चाहिए उतना वह कर रहे हैं। आपके भरोसे हम लोग कुछ भी छोड़ने वाले नहीं है। क्योंकि 15 साल आपके पिताजी के भरोसे था तब आपने डुबाया। साढे तीन साल तक आप भी सरकार में थे तब अपने मुंह ही नहीं खोला। आपके हाथ से मौका निकल गया है। अब आपको प्रवचन देने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। 

वहीं झारखंड के रांची में छात्रों के प्रदर्शन में हुए लाठी चार्ज पर उन्होंने कहा कि झारखंड की सरकार से क्या आप क्या अपेक्षा कर सकते हैं? झारखंड सरकार अपनी कमियों को छुपाने के लिए छात्रों पर लाठी चला रही है। जंतर मंतर पर जिस प्रकार से इस देश में हमारे युवाओं छात्रों को बहका करके आंदोलन का पार्ट बनाया गया। हमारे प्रधानमंत्री ने संवेदनशीलता दिखाई और आगे आए और उन्होंने इस मामले को संभालना। जिस वक्त वहां यह हो रहा था तब यही झारखंड सरकार में बैठे लोग ताली बजा रहे थे। आज हमारे उन्हीं छात्रों नौजवानों के ऊपर लाठी चला रहे हैं। उनकी एक ही मांग है कि सीबीआई इंक्वारी कराई जाए तो आखिर सीबीआई जांच के अनुसार क्यों नहीं की जा रही है? क्योंकि यह सरकार अपने लोगों को बचाने में लगी है। उन्हें सीबीआई जांच से डर है कि सही बात सामने आ जाएगी।