बिहार के सरकारी स्कूलों का बदलेगा रंग-रूप, प्राथमिक विद्यालय गुलाबी, ग्रे रंग में रंगे जाएंगे हाईस्कूल

बिहार के सरकारी विद्यालयों को सुंदर, स्वच्छ और आकर्षक बनाने की दिशा में शिक्षा विभाग ने महत्वपूर्ण पहल की है। इसके लिए विद्यालयों की श्रेणी के अनुसार रंग भी निर्धारित किए गए हैं।

वैशाली : बिहार के सरकारी विद्यालयों को सुंदर, स्वच्छ और आकर्षक बनाने की दिशा में शिक्षा विभाग ने महत्वपूर्ण पहल की है। 'सेवा संकल्प एवं कायाकल्प अभियान' के तहत वैशाली जिले के सभी सरकारी विद्यालयों में रंग-रोगन, लघु मरम्मत और कबाड़ निस्तारण कराने का निर्देश जारी किया गया है। इसके लिए विद्यालयों की श्रेणी के अनुसार, रंग भी निर्धारित किए गए हैं। जिला शिक्षा पदाधिकारी और जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, प्राथमिक एवं सर्व शिक्षा अभियान वैशाली की ओर से 22 अक्टूबर 2026 को जारी कार्यालय आदेश के अनुसार, सभी विद्यालयों को दीपावली से पहले रंगाई-पुताई और आवश्यक मरम्मत का कार्य पूरा करना होगा।

प्राथमिक विद्यालय गुलाबी, माध्यमिक विद्यालय ग्रे रंग में दिखेंगे

शिक्षा विभाग ने विद्यालयों के बाहरी हिस्से, बॉर्डर और अंदरूनी दीवारों के लिए अलग-अलग रंग निर्धारित किए हैं। आदेश के अनुसार, कक्षा-1 से आठ तक के प्राथमिक एवं मध्य विद्यालयों की बाहरी दीवारों पर गुलाबी रंग, बॉर्डर पर मैरून और भवन के अंदर सफेद रंग कराया जाएगा। वहीं, कक्षा-9 से 12 तक के माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों की बाहरी दीवारों पर ग्रे रंग, बॉर्डर पर नीला और अंदरूनी दीवारों पर सफेद रंग कराने का निर्देश दिया गया है। इसके अलावा सभी विद्यालयों के बाहरी हिस्से पर नामांकन के लिए एक फीट ऊंचाई के अक्षरों में नाम लिखवाना भी अनिवार्य किया गया है।

रंगाई-पुताई के लिए मिलेंगे 50 हजार तक 

विद्यालयों के रंग-रोगन और मरम्मत कार्य के लिए समग्र शिक्षा अनुदान की राशि का प्राथमिकता के आधार पर इस्तेमाल करने को कहा गया है। यदि प्राथमिक एवं मध्य विद्यालयों के पास उपलब्ध राशि कम पड़ती है, तो संबंधित विद्यालयों के जीओबी खाते में अधिकतम 50 हजार रुपए उपलब्ध कराए जाएंगे। हालांकि, राशि के उपयोग के लिए प्रधानाध्यापकों को पूर्ण अभिश्रव विपत्र जमा करना होगा। इसी प्रकार उच्च एवं उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों में भी पहले समग्र शिक्षा अनुदान की राशि खर्च की जाएगी। राशि कम पड़ने पर अन्य निर्धारित मदों से राशि उपलब्ध कराई जाएगी और जरूरत के अनुसार, स्थापना शाखा से अधिकतम 50 हजार रुपए तक की व्यवस्था की जाएगी।

दीपावली से पहले कार्य पूरा करने का निर्देश

शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि विद्यालयों के सौंदर्यीकरण, साफ-सफाई और आवश्यक मरम्मत का कार्य दीपावली से पहले पूरा कराया जाना है। इसके लिए प्रधानाध्यापकों, प्रभारी प्रधानाध्यापकों और प्रधान शिक्षकों को निर्देश दिया गया है कि वे बीच में पड़ने वाले राजपत्रित अवकाश के दौरान भी आवश्यक कार्य सुनिश्चित करें। हालांकि, शिक्षकों और बच्चों के लिए पूर्व निर्धारित अवकाश पहले की तरह लागू रहेगा।

अधिकारियों को सौंपी गई निगरानी की जिम्मेदारी

आदेश की प्रतिलिपि जिले के सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों और संबंधित अधिकारियों को भेजी गई है। साथ ही बिहार राज्य शैक्षणिक आधारभूत संरचना विकास निगम लिमिटेड (BSEIDC) के अधिकारियों को भी आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। शिक्षा विभाग की इस पहल का उद्देश्य सरकारी विद्यालयों के आधारभूत ढांचे को बेहतर बनाना और बच्चों को साफ-सुथरे एवं आकर्षक वातावरण में शिक्षा उपलब्ध कराना है।