कुशल युवा कार्यक्रम के संचालन को लेकर कुछ केन्द्र संचालकों द्वारा भ्रम की स्थिति फैलाए जाने पर युवा, रोजगार एवं कौशल विकास विभाग ने स्थिति स्पष्ट की है। विभाग ने कहा है कि कार्यक्रम का संचालन राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई), प्रखंड कौशल विकास केन्द्रों, प्रखंड स्तरीय राजकीय महाविद्यालयों तथा अन्य सरकारी संस्थानों की उपलब्ध अवसंरचना एवं संसाधनों के माध्यम से किया जाएगा। कार्यक्रम का उद्देश्य बिहार के युवाओं को उद्योगों की वर्तमान जरूरतों और बाजार में मांग के अनुरूप आधुनिक एवं रोजगारपरक कौशल का प्रशिक्षण उपलब्ध कराना है। इसके तहत नई तकनीक और अधिक मांग वाले क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जाएगी।
युवाओं को सोलर, ड्रोन तकनीक, नेटवर्किंग, होम नर्सिंग, मल्टी-स्किल्ड वर्कर, लैब टेक्नीशियन, इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन (ईएमटी), ब्यूटी एवं वेलनेस, बेकरी, इंफॉरमेशन टेक्नोलॉजी और डिजिटल मार्केटिंग जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षित किया जाएगा। इसके साथ ही बैंकिंग, वित्तीय सेवाएं, टैली, विदेशी भाषा और उद्यमिता से जुड़े प्रशिक्षण भी कार्यक्रम का हिस्सा होंगे। विभाग का मानना है कि इन क्षेत्रों में प्रशिक्षण से युवाओं को बदलती औद्योगिक जरूरतों के अनुरूप दक्षता हासिल करने और रोजगार के बेहतर अवसर प्राप्त करने में मदद मिलेगी।
विभाग ने बताया कि इस प्रक्रिया में पूर्व में नवीनीकरण योग्य पाए गए कौशल विकास केन्द्रों के संचालकों एवं एजेंसियों को चयन की पात्रता निर्धारित करने के लिए अपनाई जाने वाली प्रक्रिया में प्राथमिकता दी जाएगी। कुशल युवा कार्यक्रम के माध्यम से युवाओं को सीधे तौर पर कौशल और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने पर जोर है। प्रशिक्षण प्राप्त युवा नौकरी हासिल करने के साथ अपना उद्यम शुरू कर सकेंगे और दूसरों के लिए भी रोजगार के अवसर सृजित करने में सक्षम होंगे। विभाग का लक्ष्य युवाओं को रोजगार पाने वाला ही नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला बनाने की दिशा में आगे बढ़ाना है।